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90 से भी अधिक
सालों की नवाचार यात्रा

हमारे संस्थापक जे आर डी टाटा, इंडिया के पहले कमर्शियल पायलट लाइसेंस होल्डर भी थे। एविएशन के प्रति उनकी लगन ने कंपनी के लिए कई नई उपलब्धियों की शुरुआत की।

Heritage

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  • 1932

    इंडिया की पहली एयरलाइन की शुरुआत जे आर डी टाटा ने की थी।

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  • 1962

    पूर्ण जेट-इंजन बेड़े वाली दुनिया की पहली एयरलाइन

    1962
  • 1971

    Boeing 747 पर “The Palace in the Sky” के साथ विलासितापूर्ण यात्रा की शुरुआत

    1971
  • 1993

    न्यू यॉर्क और दिल्ली के बीच पहली नॉनस्टॉप उड़ान

    1993
  • 2017

    पूरी तरह महिला क्रू के साथ पहली विश्व प्रदक्षिणा उड़ान

    2017
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नए

उड़ान अनुभव

हमें इस बात पर गर्व है कि हमारे पास देश का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क है और सबसे अधिक नॉनस्टॉप मार्ग हैं, जो इंडिया को दुनिया भर के गंतव्यों से जोड़ते हैं।

  • 12,000+

    Employees Worldwide

  • 79

    Destinations

  • 59

    Nonstop International Routes

  • 90

    Years Of Service

हमारा
लीडरशिप

दूरदृष्टि, रणनीति और सहयोग के ज़रिये सफलता की अगुवाई

Leadership

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निदेशक मंडल

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श्री एन. चंद्रशेखरन टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी और 100 से अधिक टाटा समूह कंपनियों के प्रमोटर टाटा सन्स के बोर्ड के चेयरमैन के रूप में कार्य करते हैं, जिनका सम्मिलित वार्षिक राजस्व 150 अरब USD से अधिक है। वे समूह की कई परिचालन कंपनियों के बोर्ड के भी चेयरमैन हैं।

श्री चंद्रशेखरन की टाटा सन्स के चेयरमैन के रूप में नियुक्ति से पहले वे 30 वर्षों तक अग्रणी ग्लोबल IT सॉल्यूशन और कंसल्टिंग फर्म टाटा कंसल्टिंग सर्विसेज में रहे, जहां उन्होंने विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए आगे बढ़ते‑बढ़ते CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। 

टाटा सन्स के चेयरमैन का दायित्व संभालने के बाद से श्री चंद्रशेखरन समूह को डिजिटल, स्थिरता और सप्लाई चेन रेजिलिएंस की दिशा में रूपांतरित करने पर केंद्रित हैं। समूह ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, EV बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, कंज़्यूमर इंटरनेट प्लेटफ़ॉर्म और 5G के लिए मोबाइल टेक्नोलॉजी जैसे नए कारोबारों में प्रवेश किया है। टाटा समूह ने एयर इंडिया के अधिग्रहण के साथ एविएशन क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है और एक बड़ी ग्लोबल एयरलाइन का निर्माण कर रहा है।

श्री चंद्रशेखरन को 2022 में ट्रेड और इंडस्ट्री के क्षेत्र में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। फ्रांस सरकार ने उन्हें उनके असाधारण व्यावसायिक योगदान और इंडो‑फ्रेंच आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने में निर्णायक भूमिका के लिए अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान Légion d’Honneur से सम्मानित किया। उन्हें 2022 में Business Council for International Understanding की ओर से President Eisenhower Global Award for Leadership भी प्रदान किया गया। भारत और विदेश की अग्रणी यूनिवर्सिटीज़ ने उन्हें कई मानद डॉक्टरेट की उपाधियों से सम्मानित किया है।

श्री चंद्रशेखरन US India CEO Forum के सह‑अध्यक्ष हैं। वे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ की सोसाइटी और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन हैं, सिंगापुर इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड, सिंगापुर के International Advisory Board के सदस्य हैं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर के Court के सदस्य हैं, The New York Academy of Sciences के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य हैं, Mitsubishi Corporation India Private Limited की International Advisory Committee के सदस्य हैं, The University of Tokyo के Global Navigation Board के सदस्य हैं, Robert Bosch International Advisory Committee के सदस्य हैं, BOAO Forum for Asia के निदेशक हैं तथा Kingdom of Saudi Arabia की Supreme National Investment Committee की Inaugural Investment Advisory Council के सदस्य भी हैं।

श्री चन्द्रशेखरन ने ब्रिजिटल नेशन नामक एक महत्वपूर्ण पुस्तक भी लिखी है, जिसमें यह बताया गया है कि तकनीकी बदलावों का उपयोग करके भारतवासियों को किस तरह उनके सपनों के और नज़दीक लाया जा सकता है। उन्हें फ़ोटोग्राफ़ी का गहरा शौक है और वे लंबी दूरी की मैराथन दौड़ में भी बेहद दिलचस्पी रखते हैं।

चन्द्रा अक्टूबर 2016 में टाटा सन्स के बोर्ड से जुड़े और जनवरी 2017 में उन्हें चेयरमैन नियुक्त किया गया। वे समूह की कई परिचालन कंपनियों के बोर्ड की अध्यक्षता भी करते हैं, जिनमें टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, एयर इंडिया, टाटा केमिकल्स, टाटा कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स, इंडियन होटल कंपनी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ( TCS ) – शामिल हैं, जिनमें वे 2009 से 2017 तक मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे।

चेयरमैन, टाटा सन्स

एन. चन्द्रशेखरन

चेयरमैन

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तेवोल्डे गेब्रेमारियम एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक हैं।

श्री गेब्रेमारियम के पास विमानन क्षेत्र में चार से अधिक दशकों का अनुभव है, जिसमें एयरलाइन संचालन, वाणिज्यिक प्रबंधन, हवाई अड्डा सेवाएं, कार्गो, मेंटेनेंस और इंजीनियरिंग, प्रशिक्षण और कॉर्पोरेट नेतृत्व जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उन्होंने बड़े पैमाने पर विकास, जटिल संगठनात्मक परिवर्तन और दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण परिचालन माहौल में संकट प्रबंधन का सफलतापूर्वक नेतृत्व करते हुए एक रूपांतरकारी नेता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

एयर इंडिया से जुड़ने से पहले, श्री गेब्रेमारियम 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वैश्विक एविएशन जगत की सबसे उल्लेखनीय विकास यात्राओं में से एक का नेतृत्व किया और इथियोपियन एयरलाइंस को अफ्रीका के सबसे बड़े एयरलाइन ग्रुप में बदल दिया।

श्री गेब्रेमारियम ने एविएशन इकोसिस्टम में कई महत्वपूर्ण निवेशों का नेतृत्व भी किया, जिनमें अफ्रीका के सबसे बड़े कार्गो टर्मिनल का विकास, एविएशन ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी, मेंटेनेंस और इंजीनियरिंग सुविधाएं, केटरिंग कॉम्प्लेक्स, पायलट प्रशिक्षण अवसंरचना और हवाई अड्डे के विस्तार परियोजनाएं शामिल हैं।

वैश्विक व्यवधान के दौरों के दौरान नेतृत्व के लिए उन्हें विशेष रूप से सराहा जाता है, जिनमें SARS, MERS, Ebola और COVID-19 जैसी स्वास्थ्य आपदाएं और Boeing 737 MAX के ग्राउंडिंग की स्थिति शामिल हैं। COVID-19 महामारी के दौरान, इथियोपियन एयरलाइंस ने लाभप्रदता और परिचालन स्थिरता बनाए रखते हुए दुनिया भर में महत्वपूर्ण कार्गो और मानवीय मिशनों को जारी रखा, जिसके लिए उसे व्यापक मान्यता मिली।

इथियोपियन एयरलाइंस में अपने कार्यकाल के बाद, श्री गेब्रेमारियम ने USA में स्थित Delta Air Lines के सीनियर स्ट्रैटेजिक एडवाइज़र के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने International व्यवसाय पर सलाह दी, विशेष रूप से अफ्रीका, मध्य पूर्व, इंडिया, गठबंधनों और कार्गो पर फोकस के साथ। वे International Finance Corporation (IFC), जो World Bank Group का हिस्सा है, के सीनियर स्ट्रैटेजिक एडवाइज़र भी रहे हैं, जहां उन्होंने उभरते बाजारों में एविएशन और लॉजिस्टिक्स निवेश पर, खास तौर पर अफ्रीका पर केंद्रित होकर, परामर्श दिया।

अपने करियर के दौरान श्री गेब्रेमारियम ने वैश्विक विमानन उद्योग में अनेक नेतृत्वकारी पदों पर कार्य किया है। उन्होंने कई वर्षों तक इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में सेवा दी है, स्टार अलायंस के चीफ एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य रहे हैं, SITA के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में कार्य किया है, तथा कई विमानन, पर्यटन और अवसंरचना संगठनों में नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाई हैं।

श्री गेब्रेमारियम वर्ष 1985 में इथियोपियन एयरलाइंस से जुड़े और संगठन में कार्गो व एयरपोर्ट सेवाओं की परिचालन भूमिकाओं से आगे बढ़ते हुए भारत, सऊदी अरब और नॉर्थ अमेरिका में क्षेत्रीय नेतृत्व पदों तक पहुँचे। उसके बाद उन्होंने चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर तथा बाद में ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में कार्य किया। उनके व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव में मुंबई में एक तैनाती भी शामिल है, जहाँ उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस के भारत और साउथ–ईस्ट एशिया में व्यवसाय का नेतृत्व किया।

उन्होंने अदीस अबाबा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री और द ओपन यूनिवर्सिटी, लंदन से MBA किया है। वे पाँच बच्चों के पिता हैं।

तेवोल्डे गेब्रेमारियम

मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD)

संजीव मेहता

श्री संजीव मेहता ने 9 मार्च 2022 से गैर-कार्यपालक स्वतंत्र निदेशक के रूप में बोर्ड में जुड़ाव किया।

श्री संजीव मेहता चार दशकों के व्यापक वरिष्ठ नेतृत्व और वैश्विक परिचालन अनुभव वाले उपभोक्ता-केंद्रित कार्यपालक हैं। वे हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL), जो इंडिया की सबसे बड़ी 'फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स' कंपनी है, के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर रहे। उनके नेतृत्व में HUL का मार्केट कैपिटलाइजेशन दस वर्षों में 17 अरब USD से बढ़कर 75 अरब USD हो गया, जिससे HUL इंडिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक बन गई। श्री मेहता यूनिलीवर इंडोनेशिया के प्रेजिडेंट कमिश्नर (गैर-कार्यपालक चेयरमैन) के रूप में अपनी भूमिका जारी रखे हुए हैं।

श्री संजीव मेहता फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेजिडेंट थे, और वर्तमान में इसके – एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य हैं। वे इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस के बोर्ड में डायरेक्टर, ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल ट्रस्ट के सदस्य तथा हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के साउथ एशिया एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं।  

श्री मेहता को ज़ेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा ‘Doctor of Philosophy in Business Management’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्हें फोर्ब्स द्वारा ‘Best CEO Multinational’, द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा ‘Business Leader of the Year’, तथा ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा ‘JRD Tata Corporate Leadership award’ सहित अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्हें द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा ‘Hall of Fame’ में भी शामिल किया गया है। हाल ही में एल कैटरटन एशिया ने इंडिया के उपभोक्ता-केंद्रित नए जॉइंट वेंचर पार्टनरशिप के गठन की घोषणा की, जिसके तहत श्री संजीव मेहता के साथ मिलकर एक नया निवेश प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है। श्री मेहता 4 अप्रैल 2024 से इंडिया में इसके एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, समूह के अन्य वैश्विक फंड प्लेटफॉर्म्स के लिए भी उनके अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। 

श्री मेहता हाल ही में एक्सेंचर इंडिया के सलाहकार बोर्ड से भी जुड़े हैं।

श्री मेहता ने कॉमर्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और वह इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के सदस्य हैं। उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम भी पूरा किया है।

स्वतंत्र निदेशक

संजिव मेहता

स्वतंत्र निदेशक

ऐलिस वैद्यन

श्रीमती ऐलिस वैद्यन ने 9 मार्च 2022 से बोर्ड में नॉन-एग्ज़िक्यूटिव स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल हुईं।

श्रीमती ऐलिस वैद्यन, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) की पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर तथा भारतीय बीमा उद्योग की पहली महिला सीएमडी हैं। बीमा और री-इंश्योरेंस उद्योग में इंडिया और दुनिया भर में उनका 40 से अधिक वर्षों का अनुभव है और उन्हें इस क्षेत्र की अग्रणी विशेषज्ञों में गिना जाता है। उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। 

श्रीमती ऐलिस वैद्यन Fortune’ की ग्लोबल सूची (2018) ‘50 मोस्ट पावरफुल वीमेन इन बिज़नेस’ में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय थीं। अप्रैल 2019 में, श्रीमती वैद्यन को इंडिया और लंदन के बीच बीमा संबंधों को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए ‘फ्रीडम ऑफ सिटी ऑफ लंदन’ से सम्मानित किया गया। उन्हें 2019 में ‘ET Prime Woman CEO of the Year’ पुरस्कार मिला। ‘बिज़नेस टुडे’ ने 2016, 2017 और 2018 में लगातार तीन वर्षों तक उन्हें ‘इंडियन बिज़नेस’ की 30 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में स्थान दिया। Fortune India ने 2018 और 2019 में उन्हें बिज़नेस की चौथी सबसे शक्तिशाली महिला घोषित किया। ASSOCHAM ने फरवरी 2019 में उन्हें ‘लीडरशिप एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से सम्मानित किया।

श्रीमती ऐलिस जी. वैद्यन ने ‘मास्टर ऑफ आर्ट्स (इंग्लिश लिटरेचर)’ किया है। वे ‘इंश्योरेंस इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया’ की फेलो सदस्य हैं और उन्होंने ‘हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल’ से ‘लीडरशिप स्ट्रैटेजी प्रोग्राम’ पूरा किया है। 

स्वतंत्र निदेशक

ऐलिस जी. वैद्यन

स्वतंत्र निदेशक

पी. आर. रमेश

श्री पी.आर. रमेश 28 जुलाई 2022 से गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक के रूप में बोर्ड से जुड़े।

श्री रमेश डेलॉइट इंडिया के चेयरमैन रहे हैं और उन्हें 40 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे डेलॉइट ग्लोबल बोर्ड और डेलॉइट एशिया पैसिफिक बोर्ड के सदस्य भी रहे। अपने पेशेवर करियर के दौरान उन्होंने विनिर्माण, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं, प्रौद्योगिकी, मीडिया, दूरसंचार, ऊर्जा और संसाधन तथा उपभोक्ता व्यवसाय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कंपनियों के लिए ऑडिट पार्टनर के रूप में काम किया है।

श्री रमेश विभिन्न नियामक संस्थाओं से जुड़े रहे हैं, जैसे सेबी समिति ऑन डिस्क्लोज़र्स एंड अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स, इंडिया में व्यवसाय करने के लिए नियामक माहौल में सुधार हेतु समिति, जिसे इंडिया की सरकार ने गठित किया, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की बैलेंस शीट के प्रारूप और प्रस्तुति की समीक्षा के लिए टेक्निकल कमेटी, इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी की अकाउंटिंग मुद्दों पर स्थायी समिति, और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा गठित उस समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य, जो बैंकों के लिए आईएफआरएस के साथ अभिसरण में सहायता के लिए बनाई गई थी, तथा नेशनल एडवाइजरी कमेटी ऑन अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स। वे आईसीएआई की अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स बोर्ड, विजन एंड रिस्ट्रक्चरिंग कमेटी और ऑडिटिंग प्रैक्टिसिंग कमेटी तथा द इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज़ ऑफ इंडिया की सेक्रेटेरियल स्टैंडर्ड्स बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं।  

श्री रमेश आईसीएआई, द इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनल ऑडिटर्स, आरबीआई, सीआईआई, सेबी तथा इंडिया और विदेश की अन्य प्रोफेशनल संस्थाओं द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और कार्यशालाओं में पेशेवर विषयों पर नियमित रूप से वक्ता के रूप में भाग लेते हैं।

श्री रमेश ने हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में स्नातक उपाधि प्राप्त की है और वे द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के फेलो सदस्य हैं।

स्वतंत्र निदेशक

पी. आर. रमेश

स्वतंत्र निदेशक

पी बी बालाजी

श्री पी. बी. बालाजी ने 29 जुलाई 2024 से नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बोर्ड जॉइन किया।

श्री बालाजी नवंबर 2017 से टाटा मोटर्स लिमिटेड (“टीएमएल”) के ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के रूप में काम कर रहे हैं। वे टीएमएल की एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य हैं और टीएमएल ग्रुप’ की लाभदायक और सतत विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे जगुआर लैंड रोवर, टाटा मोटर्स फाइनेंस ग्रुप, टाटा टेक्नोलॉजीज और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के बोर्ड पर भी हैं।

कॉरपोरेट सेक्टर में लगभग तीन दशकों के अनुभव के साथ, श्री बालाजी एक अनुभवी ग्लोबल फाइनेंस प्रोफेशनल हैं, जिन्होंने एफएमसीजी और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में काम किया है। उन्होंने 1995 में यूनिलीवर में अपना करियर शुरू किया, जहां उन्होंने इंडिया, सिंगापुर, यूके और स्विट्जरलैंड में विभिन्न कॉरपोरेट फाइनेंस और सप्लाई चेन पदों पर कार्य किया।

टाटा मोटर्स से जुड़ने से पहले वे हिंदुस्तान यूनिलीवर के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के रूप में कार्यरत थे।

श्री पी. बी. बालाजी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चेन्नई के पूर्व छात्र हैं और उनके पास इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कोलकाता से मैनेजमेंट में पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री है।

गैर-कार्यकारी गैर-स्वतंत्र निदेशक

पी. बी. बालाजी

नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

गोह चुन फोंग

श्री गोह चुन फोंग 12 नवंबर 2024 से बोर्ड में गैर-कार्यकारी गैर-स्वतंत्र निदेशक के रूप में जुड़े।

श्री गोह 1990 में सिंगापुर एयरलाइंस (SIA) से जुड़े और कंपनी के साथ सिंगापुर तथा विदेशों में वरिष्ठ प्रबंधन पदों पर कार्य कर चुके हैं। वे 1 अक्टूबर 2010 को SIA’ के बोर्ड से जुड़े और 1 जनवरी 2011 को मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किए गए।
 
श्री गोह SIA इंजीनियरिंग कंपनी के बोर्ड में हैं और बजट एविएशन होल्डिंग्स के अध्यक्ष हैं, जो SIA’ की कम-लागत सहायक कंपनी Scoot का स्वामित्व और प्रबंधन करती है। वे नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ के सदस्य हैं और मास्टरकार्ड इन्कॉरपोरेटेड के बोर्ड में एक स्वतंत्र निदेशक हैं। इसके अतिरिक्त, श्री गोह एमआईटी प्रेसीडेंशियल CEO एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य हैं, जिसमें दुनिया भर के विभिन्न उद्योगों की अग्रणी कंपनियों के CEO शामिल हैं।

 श्री गोह को कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जिनमें 2015 में सेंटर फॉर एविएशन’ का एशिया-प्रशांत एयरलाइन CEO ऑफ द ईयर पुरस्कार, एयरलाइन पैसेंजर एक्सपीरियंस एसोसिएशन का CEO लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, तथा बिज़नेस काउंसिल फॉर इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग द्वारा दिया गया आइज़नहावर ग्लोबल इनोवेशन अवॉर्ड शामिल हैं। उन्हें 2017 के सिंगापुर बिज़नेस अवॉर्ड्स में आउटस्टैंडिंग चीफ़ एग्ज़िक्यूटिव ऑफिसर ऑफ द ईयर, 2018 में ओरिएंट एविएशन मैगज़ीन द्वारा पर्सन ऑफ द ईयर, और 2019 सिंगापुर कॉरपोरेट अवॉर्ड्स में 1 अरब USD या उससे अधिक बाज़ार पूंजीकरण वाली कंपनियों के लिए बेस्ट चीफ़ एग्ज़िक्यूटिव ऑफिसर नामित किया गया।

श्री गोह ने मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री प्राप्त की है, साथ ही कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट साइंस और कॉग्निटिव साइंस में तीन बैचलर ऑफ साइंस डिग्रियाँ भी वहीं से हासिल की हैं।

गैर-कार्यकारी, गैर-स्वतंत्र निदेशक

गो चून फोंग

गैर-कार्यकारी गैर-स्वतंत्र निदेशक

कार्यकारी नेतृत्व टीम

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तेवोल्डे गेब्रेमरियम एयर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।

श्री गेब्रेमरियम के पास एयरलाइन उद्योग में चार दशकों से अधिक का विस्तृत अनुभव है, जिसमें एयरलाइन ऑपरेशन्स, कमर्शियल मैनेजमेंट, एयरपोर्ट सर्विसेज, कार्गो, मेंटेनेंस और इंजीनियरिंग, ट्रेनिंग और कॉरपोरेट लीडरशिप शामिल हैं। उन्होंने एक रूपांतरणकारी नेता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है और दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण परिचालन माहौल में बड़े पैमाने पर विस्तार, जटिल संगठनात्मक बदलाव और संकट प्रबंधन को सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है।

एयर इंडिया से जुड़ने से पहले, श्री गेब्रेमरियम 2011 से 2022 तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वैश्विक उड्डयन जगत की सबसे उल्लेखनीय विकास यात्राओं में से एक का नेतृत्व किया, जिसके तहत इथियोपियन एयरलाइंस को अफ्रीका की सबसे बड़ी एयरलाइन ग्रुप में बदल दिया गया।

श्री गेब्रेमरियम ने एविएशन इकोसिस्टम में भी कई महत्वपूर्ण निवेशों का नेतृत्व किया, जिनमें अफ्रीका का सबसे बड़ा कार्गो टर्मिनल, एविएशन ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी, मेंटेनेंस और इंजीनियरिंग सुविधाएं, कैटरिंग कॉम्प्लेक्स, पायलट ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरपोर्ट विस्तार परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्हें खास तौर पर वैश्विक व्यवधान के दौर में अपने नेतृत्व के लिए सराहा जाता है, जिनमें SARS, MERS, इबोला और COVID-19 संकट के साथ-साथ Boeing 737 MAX ग्राउंडिंग भी शामिल हैं। COVID-19 महामारी के दौरान, इथियोपियन एयरलाइंस को लाभकारी स्थिति बनाए रखने, संचालन में लचीलापन दिखाने और दुनिया भर में महत्वपूर्ण कार्गो एवं मानवीय मिशनों को जारी रखने के लिए व्यापक रूप से सराहना मिली।

इथियोपियन एयरलाइंस में अपने कार्यकाल के बाद, श्री गेब्रेमरियम ने यूएसए में स्थित Delta Air Lines के लिए सीनियर स्ट्रैटेजिक एडवाइज़र के रूप में काम किया, जहां वे अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, इंडिया, एलायंसेज़ और कार्गो पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय पर सलाह देते थे। उन्होंने World Bank Group का हिस्सा International Finance Corporation (IFC) के लिए भी सीनियर स्ट्रैटेजिक एडवाइज़र के रूप में कार्य किया, जहां वे उभरते बाजारों में एविएशन और लॉजिस्टिक्स निवेश पर, विशेष रूप से अफ्रीका पर फोकस के साथ, परामर्श देते थे।

अपने करियर के दौरान श्री गेब्रेमरियम ने वैश्विक एविएशन उद्योग में अनेक नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाई हैं। उन्होंने कई वर्षों तक इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में सेवा दी है, स्टार अलायंस के चीफ एक्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य रहे हैं, सिटा के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में कार्य किया है, और कई एविएशन, पर्यटन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर संगठनों में नेतृत्वकारी पदों पर रहे हैं।

श्री गेब्रेमरियम ने 1985 में इथियोपियन एयरलाइंस से जुड़कर कार्गो और एयरपोर्ट सर्विसेज़ में परिचालन भूमिकाओं से शुरुआत की और संगठन के भीतर प्रगति करते हुए इंडिया, सऊदी अरब और नॉर्थ अमेरिका में क्षेत्रीय नेतृत्वकारी पदों पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर तथा आगे चलकर ग्रुप चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनके व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव में मुंबई में तैनाती भी शामिल है, जहाँ उन्होंने इंडिया और साउथ-ईस्ट एशिया में इथियोपियन एयरलाइंस के व्यवसाय का नेतृत्व किया।

उन्होंने अदीस अबाबा यूनिवर्सिटी से इकॉनॉमिक्स में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री और द ओपन यूनिवर्सिटी, लंदन से एमबीए किया है। वे पाँच बच्चों के पिता हैं।

चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर

तेवोल्डे गेब्रेमरियम

सीईओ एवं एमडी

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श्री निपुण अग्रवाल जनवरी 2022 में एयर इंडिया से जुड़े, जब उन्होंने टाटा संस के लिए एयर इंडिया के अधिग्रहण का नेतृत्व किया था। मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी के रूप में वे वर्तमान में एयर इंडिया में कई महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिनमें विमान अधिग्रहण और फाइनेंसिंग, उत्पाद विकास, रणनीति और योजना, बिक्री और विपणन, लॉयल्टी, राजस्व प्रबंधन, नेटवर्क योजना और शेड्यूलिंग, स्ट्रैटेजिक प्रोक्योरमेंट, स्ट्रैटेजिक अलायंसेज़ और M&A शामिल हैं। वे एयर इंडिया समूह में ट्रांसफ़ॉर्मेशन, चेंज मैनेजमेंट और मर्जर इंटीग्रेशन गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। श्री अग्रवाल एयर इंडिया SATS एयरपोर्ट सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड (AISATS) के चेयरमैन हैं और एयर इंडिया एक्सप्रेस, AIX Connect तथा टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य भी हैं। 

श्री अग्रवाल के पास विभिन्न उद्योगों में 28 से अधिक वर्षों का अनुभव है और उन्होंने कॉरपोरेट फ़ाइनेंस, M&A, फाइनेंसिंग, रणनीति, बिजनेस डेवलपमेंट और ऑपरेशंस जैसे क्षेत्रों में कई भूमिकाएँ निभाई हैं।

एयर इंडिया से पहले, श्री अग्रवाल टाटा संस में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने 2017 से 2022 के बीच ग्रुप चेयरमैन और ग्रुप CFO ऑफिस का हिस्सा रहते हुए कई टाटा समूह कंपनियों के स्ट्रैटेजिक ट्रांसफ़ॉर्मेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्री अग्रवाल ने टाटा संस में कई प्रमुख अधिग्रहणों और कॉरपोरेट री-स्ट्रक्चरिंग प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। वे टाटा समूह की कई कंपनियों के बोर्ड में भी रहे हैं, जिनमें टाटा हाउसिंग, टाटा वैल्यू होम्स, टाटा प्रोजेक्ट्स, टाटा पावर ओडिशा डिस्कॉम्स और टाटा अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

श्री अग्रवाल ने इनवेस्टमेंट बैंकिंग में बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के साथ, कॉरपोरेट बैंकिंग में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के साथ, और BP PLC में कॉमर्शियल एडवाइज़र के रूप में भी कार्य किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत लार्सन & टुब्रो में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में की थी।

उन्होंने IIM कलकत्ता से प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। खाली समय में उन्हें यात्रा करना और बैडमिंटन खेलना पसंद है। वे विवाहित हैं और उनके दो बच्चे हैं।

मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी

निपुण अग्रवाल

मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी 

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कैप्टन बेसिल क्वाउक को एयर इंडिया के मुख्य संचालन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। विमानन उद्योग में 25 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ, कैप्टन क्वाउक अपने पद पर गहन ज्ञान और विशेषज्ञता लेकर आए हैं। संचालन उत्कृष्टता की गहरी समझ के साथ, उनका ध्यान एयर इंडिया’ की क्षमताओं को मजबूत करने पर है, ताकि यात्रियों को विश्व-स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान किया जा सके।

कैप्टन क्वाउक सिंगापुर एयरलाइंस में अपने कार्यकाल से व्यापक प्रबंधन अनुभव लेकर आए हैं, जहां उन्होंने हेड ऑफिस के साथ-साथ कई सहायक कंपनियों और जेवीज़ में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

एयर इंडिया में अपनी तैनाती से पहले, वे फ्लाइट ऑपरेशंस डिवीजन में रेग्युलेटरी और टेक्निकल के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत थे, जहां उन्हें एक साथ सिंगापुर सीएई फ्लाइट ट्रेनिंग के बोर्ड के चेयरमैन के रूप में भी नियुक्त किया गया था, जो एसआईए और सीएई के बीच एक संयुक्त उद्यम है। उन्होंने फ्लाइट ऑपरेशंस ट्रेनिंग और ऑपरेशंस से जुड़ी कई नेतृत्व भूमिकाएं भी निभाई हैं।

एयर इंडिया में उनकी भूमिका देश में उनका दूसरा कार्यकाल है, इससे पहले वे 2017-21 के बीच चार वर्षों तक विस्तारा के साथ जुड़े रहे। विस्तारा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, फ्लाइट ऑपरेशंस के रूप में काम किया और कई महत्वपूर्ण संचालन प्रक्रियाओं के विकास में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने एयरलाइन के तेज विस्तार की निगरानी की, जिसमें B787 वाइडबॉडी जेट का एंट्री-इन-टू-सर्विस और इंटरनेशनल ऑपरेशंस की शुरुआत शामिल है। कोविड संकट के दौरान, उन्हें डायरेक्टर ऑफ क्राइसिस नियुक्त किया गया और उन्होंने विस्तारा में पूरी ऑपरेशंस प्रणाली के शटडाउन और रीस्टार्ट की अगुवाई की। उनका एक अन्य अंतरराष्ट्रीय कार्यकाल 2006 में चाइना की ग्रेट वॉल एयरलाइंस में सेकंडमेंट के रूप में रहा।

उनका व्यापक अनुभव एयरबस A320, A330, A340-300/500 जैसे कई एयरबस विमान प्रकारों के साथ-साथ B737, B747-400, B777 और B787 जैसे बोइंग मॉडल उड़ाने को भी शामिल करता है।

एयर इंडिया में अपनी नई भूमिका में, कैप्टन बेसिल क्वॉक एयरलाइन के परिचालन कार्यों की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता से उम्मीद है कि वह टाटा ग्रुप के संरक्षण में चल रहे एयर इंडिया के परिवर्तन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

जैसे-जैसे एयर इंडिया अपना रूपांतरण जारी रखे हुए है, जिसमें नैरोबॉडी और वाइडबॉडी दोनों प्रकार के विमानों पर चल रहे रिफ्रेश और रेट्रोफिट कार्यक्रम शामिल हैं, कैप्टन क्वॉक निर्बाध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनका नेतृत्व एयरलाइन को ऐसे केबिन प्रोडक्ट्स और परिचालन कुशलताओं से लैस करने में महत्वपूर्ण है, जो एयर इंडिया’s के उस विज़न के अनुरूप हैं, जिसके तहत ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ श्रेणी का अनुभव प्रदान किया जा सके।

एविएशन ऑपरेशंस में सिद्ध अनुभव के साथ, कैप्टन क्वॉक लगातार उन प्रक्रियाओं को और बेहतर बना रहे हैं जो एयर इंडिया’s की सुरक्षा, समयपालन और ग्राहक संतोष के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं, ताकि यह एयरलाइन दुनिया भर के यात्रियों की पसंदीदा चॉइस बनी रहे।

कैप्टन क्वॉक के पास नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री है, जहाँ से वे सेकंड क्लास ऑनर्स (लोअर) के साथ स्नातक हुए। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि उन्हें एविएशन ऑपरेशंस की व्यापक और गहन समझ प्रदान करती है।

वे विवाहित हैं और उनके दो बच्चे हैं।

चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर

कैप्टन बेसिल क्वॉक

मुख्य संचालन अधिकारी

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मुख्य ग्राहक अनुभव अधिकारी के रूप में अपनी भूमिका में श्री राजेश डोगरा एअर इंडिया के लिए समग्र ग्राहक अनुभव के उत्तरदायी हैं। वे एअर इंडिया में सेवा परिवर्तन से जुड़े विभिन्न उपक्रमों में गहराई से शामिल हैं और सभी टचपॉइंट्स पर ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक सुदृढ़ ग्राहक सेवा ढांचा तैयार कर रहे हैं। ग्राहक सेवा में उत्कृष्टता के प्रति अत्यधिक जुनूनी रहते हुए, श्री डोगरा ने भारत और विदेश, दोनों में, कई बड़े सार्वजनिक सेवा परिवर्तन कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है और अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

श्री डोगरा के पास बड़े पैमाने पर सार्वजनिक सेवा डिलीवरी, ई-गवर्नेंस, व्यवसाय संचालन, परियोजना प्रबंधन, आईटी संचालित सेवा परिवर्तन तथा जन प्रबंधन में 28 से अधिक वर्षों का समृद्ध अनुभव है। वे टाटा समूह के अनुभवी अधिकारी हैं और अगस्त 2022 में एअर इंडिया में शामिल होने से पहले, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम के ग्लोबल प्रोग्राम डायरेक्टर थे। उन्होंने विदेश मंत्रालय के लिए इंडिया के सबसे प्रतिष्ठित पासपोर्ट प्रोग्राम की स्थापना की और उसे 10 से अधिक वर्षों तक संचालित किया, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय पासपोर्ट सेवाओं में विश्व स्तर पर व्यापक परिवर्तन हुआ। अपने करियर के शुरुआती चरण में, श्री डोगरा ने एक सार्वजनिक क्षेत्र की वित्तीय संस्था के साथ काम किया, जहां वे उत्तरी इंडिया तथा वैश्विक स्तर पर NRIs के लिए संचालन और सेवा डिलीवरी का प्रबंधन करते थे।

श्री डोगरा ने NMIMS मुंबई से वित्तीय प्रबंधन में अपनी मास्टर’s डिग्री पूरी की और दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। उन्होंने TCS, IIM अहमदाबाद, TMTC पुणे और INSEAD में अनेक प्रबंधन विकास कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। 

मुख्य ग्राहक अनुभव अधिकारी

राजेश डोगरा

मुख्य ग्राहक अनुभव अधिकारी

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सिशिरकांत डैश एयर इंडिया’ के तेजी से बढ़ते बेड़े के मेन्टेनेंस और इंजीनियरिंग का नेतृत्व करते हैं। 35 से अधिक वर्षों के एविएशन अनुभव के साथ, श्री डैश एयरबस, बोइंग और बॉम्बार्डियर विमानों के लिए लाइसेंस प्राप्त इंजीनियर हैं।

इससे पहले, श्री डैश विस्तारा में इंजीनियरिंग और मेन्टेनेंस के प्रमुख थे। इंडिगो के शुरुआती कर्मचारियों में से एक के रूप में, वे लॉन्च टीम का हिस्सा थे और निदेशक, इंजीनियरिंग और मेन्टेनेंस बनाए जाने से पहले कई भूमिकाओं में रहे — क्वालिटी मैनेजर, लाइन मेन्टेनेंस मैनेजर, बेस मेन्टेनेंस मैनेजर, टेक सर्विसेज मैनेजर और प्रोडक्शन प्लानिंग मैनेजर।

अपनी विभिन्न भूमिकाओं में, श्री डैश ओईएम, लेसर्स और वेंडर्स के साथ कई कॉन्ट्रैक्ट नेगोशिएशन्स में अग्रणी रहे हैं — जिनका स्थायी लक्ष्य लागत में अनुकूलन रहा है।

श्री डैश ने भारतीय एविएशन क्षेत्र में कई अग्रणी पहल की हैं। उन्होंने कई पहलुओं का नेतृत्व किया, जिनके ज़रिए उद्योग में नई तकनीकों को लागू किया गया जो अब व्यापक रूप से अपनाई जा चुकी हैं, जिनमें ऑनबोर्ड इमरजेंसी इक्विपमेंट के लिए RFID, ई-लॉगबुक, इंजीनियरिंग लाइसेंस और टूल इश्यूअन्स के लिए QR कोड शामिल हैं।

श्री डैश DGCA-अनुमोदित परीक्षक हैं और ARAP, एयरवर्थीनेस रेगुलेशन चेंज तथा CII सहित कई नियामक समितियों के सदस्य हैं। वे Pratt & Whitney इंजनों के लिए मेन्टेनेंस रिव्यू बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं। श्री डैश के पास प्रबंधन की कई सर्टिफिकेशन्स हैं, और उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद, हार्वर्ड और ऑक्सफोर्ड से नेतृत्व से जुड़े कोर्स पूरे किए हैं।

ग्रुप चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर – इंजीनियरिंग

सिशिरकांत दाश

समूह प्रमुख रणनीति अधिकारी – इंजीनियरिंग

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कैप्टन मनीष उप्पल माउंट सेंट मैरीज स्कूल, दिल्ली कैंट, दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और उनके पास 9,000 से अधिक घंटे का घटना और दुर्घटना-मुक्त उड़ान अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में एटीआर और एयरबस 320 सहित कई प्रकार के विमान उड़ाए हैं। उन्होंने ए 320 पर टाइप रेटिंग इंस्ट्रक्टर (टीआरआई) और डिज़िग्नेटेड एग्ज़ामिनर (डीई) की स्वीकृतियां भी संभाली हैं। 

नागरिक उड्डयन में 20 वर्षों के अनुभव (जिसमें से अधिकांश प्रबंधन भूमिकाओं में रहा है) के दौरान कैप्टन उप्पल ने शॉर्ट और मीडियम हॉल डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर पायलट और ट्रेनर के रूप में काम किया है, एयरलाइन ट्रेनिंग और ऑपरेशंस फ़ंक्शन स्थापित किए हैं और एयरएशिया इंडिया के लिए शेड्यूल्ड कमर्शियल ऑपरेटर लाइसेंस प्राप्त करने के लिए स्टार्ट-अप टीम का नेतृत्व किया है, जिसने कई दशकों बाद टाटा ग्रुप की एयरलाइन बिज़नेस में पुन: एंट्री को चिह्नित किया। उन्होंने फ्लाइट ऑपरेशंस में सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए कई डिजिटल और सस्टेनेबल समाधान भी सफलतापूर्वक लागू किए हैं। 

एअर इंडिया में वे एयरलाइन के फ्लाइट ऑपरेशंस का प्रबंधन करते हैं। वे फ्लीट विस्तार की योजनाओं को समर्थन देने के लिए फ्लाइट ऑपरेशंस के लिए विहान.एआई चार्टर को लागू करेंगे, ताकि सुरक्षा, संरक्षा, नियामक मानकों और कंप्लायंस पर कोई समझौता न हो।  

वे उस टीम का हिस्सा थे जिसने टाटा संस द्वारा एअर इंडिया के अधिग्रहण का मूल्यांकन किया और एअर इंडिया ऑपरेशंस की समीक्षा और विश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एअर इंडिया और उसकी सब्सिडियरी एयरलाइन्स में चल रही कई ट्रांसफॉर्मेशन पहलों का भी हिस्सा हैं। 

कैप्टन उप्पल ने अपनी मैनेजमेंट स्किल्स बेहतर करने के लिए टाटा ग्रुप के कई प्रतिष्ठित कोर्स पूरे किए हैं, जिनमें हार्वर्ड के प्रोफेसरों द्वारा संचालित टाटा ग्रुप स्ट्रैटेजिक लीडरशिप सेमिनार और टाटा बिज़नेस एक्सीलेंस असेसर प्रोग्राम शामिल हैं। वे प्रशिक्षित ह्यूमन फैक्टर्स एक्सपर्ट हैं जिन्होंने क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट कोर्स तैयार किए हैं और उन्हें संचालित भी किया है। 

कैप्टन उप्पल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ गुरुग्राम में रहते हैं।

फ्लाइट संचालन प्रमुख

कैप्टन मनीष उप्पल

फ्लाइट ऑपरेशंस प्रमुख 

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श्री पी बालाजी ने अपना करियर टाटा ग्रुप में टाटा एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस से शुरू किया, जहां उन्हें समूह के उस मूल्यों और विचारधारा से ऊर्जा मिली, जिसका उद्देश्य केवल व्यापार से आगे बढ़कर समाज और इंडिया के विकास में योगदान देने वाले उद्यम खड़े करना है।

अपनी वर्तमान भूमिका में, श्री बालाजी एयर इंडिया में गवर्नेंस, कंप्लायंस कल्चर और जोखिम जागरूकता को आगे बढ़ा रहे हैं तथा जोखिमों के प्रबंधन, न्यूनीकरण और रिपोर्टिंग के लिए प्रक्रियाओं को विकसित कर रहे हैं। वह एयर इंडिया ग्रुप के लिए लीगल, इंटरनल ऑडिट, सस्टेनेबिलिटी और CSR कार्यों की जिम्मेदारी संभालते हैं और नियामक संस्थाओं, सरकारी नीति-निर्माताओं तथा मीडिया के साथ बाहरी संवाद को भी दिशा देते हैं।

श्री बालाजी ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद से मार्केटिंग, फाइनेंस और स्ट्रैटेजी में MBA तथा IIT रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में डिग्री प्राप्त की है।

एयर इंडिया से जुड़ने से पहले, श्री बालाजी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के चीफ रेगुलेटरी और कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर थे। श्री बालाजी टेलीकॉम सेक्टर के अग्रदूतों में से हैं; उन्होंने 1993 में, जब यह क्षेत्र अपने शुरुआती दौर में था, इस उद्योग से जुड़ाव किया। 30 वर्षों के अपने करियर में उन्होंने सभी तीन टेलीकॉम वर्टिकल्स में प्रमुख टेक्नोलॉजी, डिवाइस और टेलीकम्युनिकेशन कंपनियों में नेतृत्वकारी पदों का विशिष्ट अनुभव हासिल किया है।

श्री बालाजी नोकिया इंडिया और सोनी मोबाइल के मैनेजिंग डायरेक्टर रहे हैं। वर्षों के दौरान, उन्होंने टाटा ग्रुप, AT&T, एरिक्सन, नोकिया और ल्यूसेंट टेक्नोलॉजीज़ की स्टार्ट-अप और टर्नअराउंड वेंचर्स में वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं।

समूह प्रमुख: गवर्नेंस, रिस्क, कम्प्लायंस और कॉरपोरेट अफेयर्स

पी बालाजी

गवर्नेंस, रेगुलेटरी, कंप्लायंस और कॉरपोरेट अफेयर्स के समूह प्रमुख

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रवीन्द्र कुमार जी.पी. एक एचआर प्रोफेशनल हैं, जिन्हें विभिन्न उद्योगों, अलग-अलग जीवनचक्र चरणों में रही संगठनों और क्षेत्रीय तथा वैश्विक भूमिकाओं में 25 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्हें एक सहयोगी, रचनात्मक और परिणाम-केंद्रित एचआर लीडर के रूप में जाना जाता है।

कुमार साहब एयर इंडिया से जुड़ने से पहले टाटा मोटर्स में थे, जहां वे पाँच से अधिक वर्षों तक मुख्य मानव संसाधन अधिकारी रहे और कंपनी के रूपांतरण की रूपरेखा तैयार करने वाली एक्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य थे। टाटा मोटर्स में कार्यकाल के दौरान कुमार साहब ने टाटा डेवू कमर्शियल व्हीकल कंपनी और इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड जैसी सहायक कंपनियों में निदेशक के रूप में भी कार्य किया। वे टीएमएल बिज़नेस सर्विसेज़ लिमिटेड के बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे।

कुमार साहब ने इससे पहले 18 वर्ष जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी के साथ बिताए, जहां उन्होंने बढ़ती जिम्मेदारियों और प्रभाव वाली भूमिकाएँ संभालीं। जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी में अपनी अंतिम भूमिका में वे साउथ एशिया क्षेत्र के लिए मुख्य मानव संसाधन अधिकारी थे।

मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ के पूर्व छात्र कुमार साहब ने अपने करियर की शुरुआत एशियन पेंट्स से की। मानव संसाधन क्षेत्र में उनकी रुचि संगठनात्मक प्रभावशीलता, परिवर्तन प्रबंधन और संगठन विकास जैसे विषयों में है।

काम से इतर, कुमार साहब को प्रकृति के बीच समय बिताना और फ़ोटोग्राफ़ी करना पसंद है। उनकी पत्नी, श्वेता, के साथ उनका एक बेटा और एक बेटी है।

मुख्य मानव संसाधन अधिकारी

रविंद्र कुमार जी. पी.

मुख्य मानव संसाधन अधिकारी

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संजय शर्मा एअर इंडिया के मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में जुड़े, कॉरपोरेट फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और रियल एस्टेट के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक के करियर के बाद।

संगठन से जुड़ने से पहले श्री शर्मा टाटा प्रॉजेक्ट्स लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी थे, जहां उन्होंने वित्त कार्य को स्थिरता प्रदान करने, फाइनेंस रिस्क ऑर्गनाइजेशन बनाने और कंपनी की पूंजी संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। वे टाटा रियल्टी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी भी रहे, जहां वे फाइनेंस (अकाउंट्स, फाइनैंशियल कंट्रोल, ट्रेज़री और टैक्स), प्रोक्योरमेंट, आईटी और इंटरनल ऑडिट कार्यों के लिए जिम्मेदार थे। वे डॉयचे बैंक ग्रुप में मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड ऑफ इक्विटी कैपिटल मार्केट्स रहे हैं और हांगकांग तथा मुंबई में मेरिल लिंच के साथ 14 साल तक जुड़े रहे।

उन्हें भारतीय कॉरपोरेट्स के लिए इक्विटी जुटाने से जुड़े 150 से अधिक लेन-देन, जिनकी कुल राशि 50 अरब USD से अधिक है, भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्टॉक मार्केट्स पर सफलतापूर्वक प्रबंधित करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने अपना करियर लार्सन एंड टूब्रो में डिजाइन विभाग के इंजीनियर के रूप में शुरू किया।

वे कई उद्योग संगठनों के महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं, जिनमें सेबी की प्राइमरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी के सदस्य, फिक्की और सीआईआई की कैपिटल मार्केट्स कमेटी के सदस्य तथा एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्‍स ऑफ इंडिया के चेयरमैन के रूप में उनकी भूमिका शामिल है।

श्री शर्मा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद के पूर्व छात्र हैं और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कर्नाटक, सुरथकल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री रखते हैं।

उन्हें लंबी दूरी की दौड़ का गहरा शौक है और वे सभी छह प्रमुख मैराथन पूरी करके मैराथन दौड़ की सबसे प्रतिष्ठित उपलब्धि, सिक्स स्टार मेडल, हासिल कर चुके हैं। वे विवाहित हैं और दो बेटियां हैं।  

मुख्य वित्तीय अधिकारी

संजय शर्मा

मुख्य वित्तीय अधिकारी

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जेरेमी यू इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस प्रमुख हैं। वे सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए) समूह में इंजीनियरिंग नेतृत्व की भूमिकाओं में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव साथ लेकर आए हैं और अपनी गहन इंजीनियरिंग तथा मेंटेनेंस विशेषज्ञता के माध्यम से एअर इंडिया’ के निरंतर परिवर्तन और हमारी इन‑हाउस क्षमताओं के विकास को समर्थन दे रहे हैं।

अपने सेकंडमेंट से पहले, श्री यू एसआईए इंजीनियरिंग कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, बेस मेंटेनेंस के पद पर कार्यरत थे। इसी अवधि में वे एसआईए इंजीनियरिंग (फिलिपींस) कॉरपोरेशन, जेड इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और बेस मेंटेनेंस मलेशिया एसडीएन बीएचडी के बोर्ड के चेयर भी थे। उन्होंने 2005 में एसआईए में टेक्निकल सर्विसेज इंजीनियर के रूप में जॉइन किया था, और उनके अनुभव में एयरबस फ्लीट मैनेजमेंट के साथ‑साथ स्कूट और टाइगर एयरवेज में इंजीनियरिंग प्रमुख की जिम्मेदारियाँ भी शामिल हैं।

श्री यू के पास नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिलिस, यूएसए से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री है, तथा नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (ऑनर्स) की डिग्री है।

इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस प्रमुख

जेरेमी यू जिन किट

इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस प्रमुख

सस्टेनेबिलिटी

हम यह संकल्प लेते हैं कि हम उड़ान भरेंगे नेट ज़ीरो

एयर इंडिया ||International|| Air Transport Association’s Fly Net Zero पहल के प्रति प्रतिबद्ध है, जिसका लक्ष्य 2050 तक शून्य-शुद्ध कार्बन उत्सर्जन के साथ संचालन करना है।

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द एअर इंडिया ब्रांड

एक साहसी नया आगाज़

हमारी नई ब्रांड पहचान एक साहसिक नई इंडिया की भावना को प्रदर्शित करती है और हमें एक विश्व‑स्तरीय एयरलाइन, जो भारतीय दिल से संचालित हो, में रूपांतरित करने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह नया रूप प्रतिष्ठित भारतीय खिड़की के आकार को नए सिरे से परिभाषित करता है, जो ‘Window of Possibilities’ का प्रतीक है। हमारा नया लोगो – ‘The Vista’ – इसी खिड़की की चोटी से प्रेरित है, जो आने वाले कल की असीम संभावनाओं और दृष्टि को दर्शाता है। अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें।

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