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90 वर्षों से अधिक
विकास और उत्कृष्टता की विरासत

हमारे संस्थापक, जे.आर.डी. टाटा, भारत के पहले वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस धारक थे। विमानन के प्रति उनके जुनून और दूरदर्शिता ने एयर इंडिया को अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दिलाईं और भारतीय विमानन उद्योग में नए मानक स्थापित किए।

Heritage

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  • 1932

    इंडिया की पहली एयरलाइन की शुरुआत जेआरडी टाटा द्वारा की गई।

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  • 1962

    पूर्ण जेट-इंजन बेड़े वाली विश्व की पहली एयरलाइन

    1962
  • 1971

    बोइंग 747 पर ‘द पैलेस इन द स्काई’ के साथ भव्य हवाई यात्रा की शुरुआत की।

    1971
  • 1993

    न्यूयॉर्क और दिल्ली को जोड़ने वाली पहली नॉनस्टॉप उड़ान

    1993
  • 2017

    पूर्ण महिला क्रू के साथ पहली विश्व-परिक्रमा उड़ान

    2017
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नए उड़ान

अनुभवों का सृजन

हमें इस बात पर गर्व है कि हमारे पास देश का सबसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है और भारत को दुनिया भर के प्रमुख गंतव्यों से जोड़ने वाली सबसे अधिक नॉन-स्टॉप उड़ानें हैं।।

  • 12,000+

    Employees Worldwide

  • 79

    Destinations

  • 59

    Nonstop International Routes

  • 90

    Years Of Service

हमारा
नेतृत्व

दृष्टि, रणनीति और सहयोग के माध्यम से सफलता की दिशा में अग्रसर

Leadership

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Management Leadership Management Leadership

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

एन. चंद्रशेखरन

श्री एन. चंद्रशेखरन टाटा संस के बोर्ड के चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं, जो होल्डिंग कंपनी और 100 से अधिक टाटा समूह कंपनियों के प्रवर्तक हैं, जिनकी कुल वार्षिक आय 150 बिलियन USD से अधिक है। वे समूह की कई ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड की अध्यक्षता भी करते हैं।

टाटा संस के चेयरमैन के रूप में श्री चंद्रशेखरन की नियुक्ति से पहले उनका 30 वर्ष का करियर Tata Consulting Services, एक अग्रणी ग्लोबल IT सॉल्यूशन और कंसल्टिंग फर्म, में रहा, जहाँ उन्होंने विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए CEO और Managing Director का पद हासिल किया। 

टाटा संस के चेयरमैन का पद संभालने के बाद से, श्री चंद्रशेखरन समूह को डिजिटल, सस्टेनेबिलिटी और सप्लाई चेन मज़बूती की दिशा में रूपांतरित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। समूह ने नए व्यवसायों में प्रवेश किया है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, EV बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, कंज़्यूमर इंटरनेट प्लेटफ़ॉर्म और 5G के लिए मोबाइल टेक्नोलॉजी शामिल हैं। टाटा समूह ने एयर इंडिया के अधिग्रहण के साथ अपनी एविएशन मौजूदगी का विस्तार किया है और एक बड़े ग्लोबल एयरलाइन का निर्माण कर रहा है।

श्री चंद्रशेखरन को 2022 में ट्रेड और इंडस्ट्री के क्षेत्र में इंडिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक, पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। फ्रेंच गवर्नमेंट ने उन्हें Légion d'Honneur से सम्मानित किया, जो फ्रांस का सर्वोच्च सिविलियन अवॉर्ड है, उनके उत्कृष्ट बिज़नेस सक्सेस और इंडो-फ्रेंच इकोनॉमिक संबंधों को मज़बूत करने में निर्णायक योगदान के लिए। President Eisenhower Global Award for Leadership उन्हें 2022 में Business Council for International Understanding द्वारा प्रदान किया गया। उन्हें इंडिया और विदेश की अग्रणी यूनिवर्सिटीज़ द्वारा कई मानद डॉक्टरेट की उपाधियाँ प्रदान की गई हैं।

श्री चंद्रशेखरन US इंडिया CEO Forum के को‑चेयर हैं। वे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ की सोसाइटी और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन हैं, सिंगापुर इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड, सिंगापुर के International Advisory Board के मेंबर हैं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर की कोर्ट के मेंबर हैं, The New York Academy of Sciences के Board of Governors के मेंबर हैं, Mitsubishi Corporation इंडिया Private Limited की International Advisory Committee के मेंबर हैं, Global Navigation Board, The University of Tokyo के मेंबर हैं, Robert Bosch International Advisory Committee के मेंबर हैं, BOAO Forum for Asia के डायरेक्टर हैं तथा किंगडम ऑफ सऊदी अरेबिया की Supreme National Investment Committee के Inaugural Investment Advisory Council के मेंबर भी हैं।

श्री चंद्रशेखरन Bridgital Nation के लेखक भी हैं, जो टेक्नोलॉजिकल डिसरप्शन्स का उपयोग करके इंडियन्स को उनके सपनों के और करीब लाने पर आधारित एक पाथब्रेकिंग किताब है। वे एक उत्साही फ़ोटोग्राफ़र और जुनूनी लॉन्ग‑डिस्टेंस मैराथन रनर हैं।

चंद्रा अक्टूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड से जुड़े और जनवरी 2017 में चेयरमैन नियुक्त किए गए। वे कई समूह की ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड की अध्यक्षता भी करते हैं, जिनमें टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, एयर इंडिया, टाटा केमिकल्स, टाटा कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स, इंडियन होटल कंपनी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) – शामिल हैं, जिसके वे 2009‑17 तक चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रहे।

चेयरमैन, टाटा संस

एन. चंद्रशेखरन

चेयरमैन

कैंपबेल विल्सन
श्री कैंपबेल विल्सन 25 जुलाई 2022 से एयर इंडिया के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं।

श्री विल्सन एयर इंडिया से जुड़ने से पहले 26 वर्षों तक सिंगापुर एयरलाइंस के साथ जुड़े रहे, जहाँ उन्होंने फ्लैगशिप एयरलाइन के साथ‑साथ इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली लो‑कॉस्ट सहायक कंपनी स्कूट में भी विभिन्न वरिष्ठ भूमिकाओं में कार्य किया, जिसके वे फाउंडिंग CEO थे। 

CEO और MD के रूप में, श्री विल्सन विहान.ai, एयर इंडिया के व्यापक पाँच‑वर्षीय कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य एयर इंडिया को इंडियन हार्ट वाली वर्ल्ड‑क्लास ग्लोबल एयरलाइन में बदलना है।

एयर इंडिया के ट्रांसफॉर्मेशन के तहत एयरलाइन ने अब तक विमानन इतिहास में नए एयरक्राफ्ट का सबसे बड़ा एकमुश्त ऑर्डर दिया है, जिसमें 500+ वाइड और नैरो‑बॉडी एयरक्राफ्ट शामिल हैं। इसमें उपकरण, प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी, सिस्टम और संस्कृति का पूर्ण पुनर्गठन तथा नेटवर्क का व्यापक विस्तार भी शामिल है। समूह के विकास को समर्थन देने के लिए, एयर इंडिया एक वर्ल्ड‑क्लास ट्रेनिंग अकादमी स्थापित करने की प्रक्रिया में है, जो पायलट, केबिन क्रू, इंजीनियर और कुशल वर्कफोर्स प्रदान करेगी, जो इंडियन एविएशन इकोसिस्टम को भी समर्थन देगी।

फ्लैगशिप एयरलाइन के ट्रांसफ़ॉर्मेशन के अतिरिक्त, श्री विल्सन ने सब्सिडियरी एयरलाइंस एयर इंडिया एक्सप्रेस और AIX Connect के इंटीग्रेशन को सफलतापूर्वक एक सिंगल लो‑कॉस्ट कैरियर में रूपांतरित किया, और टाटा सिया एयरलाइंस (विस्तारा) के एयर इंडिया के साथ मर्जर को भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया। 

श्री विल्सन को IATA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।

श्री विल्सन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी से बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर ऑफ कॉमर्स की डिग्री 1st Class Honours के साथ प्राप्त की है।

चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर

कैंपबेल विल्सन

CEO & MD

संजीव मेहता

श्री संजीव मेहता 9 मार्च 2022 से नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बोर्ड से जुड़े।

श्री संजीव मेहता, उपभोक्ता‑केंद्रित एग्जीक्यूटिव हैं जिनके पास चार दशकों का व्यापक सीनियर लीडरशिप और ग्लोबल ऑपरेशनल अनुभव है। वे हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL), इंडिया की सबसे बड़ी 'फास्ट‑मूविंग कंज़्यूमर गुड्स' कंपनी के चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर थे। HUL में अपने दस वर्ष के कार्यकाल के दौरान, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 17 बिलियन USD से बढ़कर 75 बिलियन USD हो गया, जिससे HUL इंडिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से एक बन गई।श्री संजीव मेहता वर्तमान में यूनिलीवर इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट कमिश्नर (गैर-कार्यकारी अध्यक्ष) के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

श्री संजीव मेहता फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) की कार्यकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान सदस्य रहे हैं। वे इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस के निदेशक मंडल के सदस्य, ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल ट्रस्ट के सदस्य तथा हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल के दक्षिण एशिया सलाहकार बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं। 

श्री संजीव मेहता को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और व्यावसायिक योगदान के लिए अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है। उन्हें ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा बिज़नेस मैनेजमेंट में मानद डॉक्टरेट (Doctor of Philosophy) की उपाधि प्रदान की गई है। इसके अलावा, उन्हें फोर्ब्स द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ बहुराष्ट्रीय कंपनी के CEO’, द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा ‘बिज़नेस लीडर ऑफ द ईयर’ तथा ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा ‘जे.आर.डी. टाटा कॉर्पोरेट लीडरशिप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। उन्हें भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) के प्रतिष्ठित ‘हॉल ऑफ फ़ेम’ में भी शामिल किया गया है। हाल ही में, L Catterton Asia ने एक नए भारतीय उपभोक्ता-केंद्रित संयुक्त उद्यम की स्थापना की घोषणा की गई है, जिसके तहत श्री संजीव मेहता के साथ मिलकर एक नया निवेश मंच विकसित किया जा रहा है। 4 अप्रैल 2024 से प्रभावी रूप से, श्री संजीव मेहता इसके भारत के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उनके व्यापक अनुभव, विशेषज्ञता और रणनीतिक दृष्टि का लाभ समूह के अन्य वैश्विक निवेश मंचों के लिए भी लिया जाएगा। 

श्री संजीव मेहता हाल ही में एक्सेंचर इंडिया के सलाहकार बोर्ड से जुड़े हैं, जहाँ वे अपने अनुभव और विशेषज्ञता से संगठन का मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

श्री संजीव मेहता ने कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया है और वे इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के मेंबर हैं। उन्होंने हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम भी पूरा किया है।

इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

संजीव मेहता

इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

एलिस वैद्यन

श्रीमती एलिस वैद्यन 9 मार्च 2022 से नॉन‑एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बोर्ड से जुड़ीं।

श्रीमती एलिस वैद्यन, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) की पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर तथा इंडियन इंश्योरेंस इंडस्ट्री की पहली महिला CMD हैं, जिनके पास 40 वर्षों से अधिक का अनुभव है और जिन्हें इंडिया और पूरी दुनिया में इंश्योरेंस और रीइंश्योंरेंस इंडस्ट्री के प्रमुख विशेषज्ञों में गिना जाता है। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं। 

श्रीमती एलिस वैद्यन को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और बीमा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2018 में वे फॉर्च्यून पत्रिका की वैश्विक सूची में व्यवसाय जगत की 50 सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय थीं। अप्रैल 2019 में, भारत और लंदन के बीच बीमा क्षेत्र में संबंधों को सुदृढ़ बनाने में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘फ्रीडम ऑफ द सिटी ऑफ लंदन’ सम्मान प्रदान किया गया। उन्हें वर्ष 2019 में ‘ईटी प्राइम महिला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ऑफ द ईयर’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बिज़नेस टुडे ने वर्ष 2016, 2017 और 2018 में लगातार उन्हें भारतीय व्यवसाय जगत की 30 सबसे प्रभावशाली महिलाओं में स्थान दिया। वहीं, फॉर्च्यून इंडिया ने वर्ष 2018 और 2019 में उन्हें व्यवसाय जगत की चौथी सबसे प्रभावशाली महिला के रूप में मान्यता प्रदान की। इसके अतिरिक्त, एसोचैम ने फरवरी 2019 में उन्हें ‘लीडरशिप एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से सम्मानित किया।

श्रीमती एलिस जी. वैद्यन ने अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर (मास्टर ऑफ आर्ट्स) की उपाधि प्राप्त की है। वह भारतीय बीमा संस्थान की फेलो सदस्य हैं तथा उन्होंने हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से नेतृत्व एवं रणनीति कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है।। 

इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

एलिस जी. वैद्यन

इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

पी. आर. रमेश

श्री पी.आर. रमेश 28 जुलाई 2022 से नॉन‑एक्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बोर्ड से जुड़े।

श्री रमेश डेलॉयट इंडिया के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और उनके पास चार दशकों से अधिक का समृद्ध पेशेवर अनुभव है। उन्होंने डेलॉयट के वैश्विक निदेशक मंडल तथा एशिया-प्रशांत निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपने पेशेवर करियर के दौरान, वे विनिर्माण, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं, प्रौद्योगिकी, मीडिया, दूरसंचार, ऊर्जा एवं संसाधन तथा उपभोक्ता व्यवसाय जैसे विविध क्षेत्रों की अनेक अग्रणी कंपनियों के लेखा-परीक्षण साझेदार रहे हैं।

श्री रमेश विभिन्न नियामक संस्थाओं और विशेषज्ञ समितियों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की प्रकटीकरण एवं लेखांकन मानक समिति, भारत सरकार द्वारा गठित व्यवसाय करने के नियामकीय वातावरण में सुधार संबंधी समिति, तथा भारतीय रिज़र्व बैंक की बैलेंस शीट के प्रारूप और प्रस्तुति की समीक्षा हेतु गठित तकनीकी समिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अतिरिक्त, वे भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण की लेखांकन विषयक स्थायी समिति तथा बैंकों को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों के अनुरूप बनाने में सहायता के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा गठित समिति के आमंत्रित सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय लेखांकन मानक सलाहकार समिति में भी योगदान दिया है। श्री रमेश भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) के लेखांकन मानक बोर्ड, दृष्टि एवं पुनर्गठन समिति तथा लेखा-परीक्षण अभ्यास समिति के सदस्य रह चुके हैं। साथ ही, वे भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के सचिवीय मानक बोर्ड के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। 

श्री रमेश भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई), आंतरिक लेखा परीक्षक संस्थान, भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) तथा अन्य पेशेवर संस्थाओं द्वारा भारत और विदेशों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और कार्यशालाओं में नियमित रूप से वक्ता के रूप में भाग लेते हैं। वे लेखांकन, लेखा-परीक्षण, वित्तीय रिपोर्टिंग, कॉर्पोरेट प्रशासन और अन्य पेशेवर विषयों पर अपने विचार एवं विशेषज्ञता साझा करते रहे हैं।

श्री रमेश ने उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से वाणिज्य (कॉमर्स) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। वे भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) के फेलो सदस्य भी हैं।

स्वतंत्र डायरेक्टर

पी. आर. रमेश

इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

पी. बी. बालाजी

श्री पी.बी. बालाजी 29 जुलाई 2024 से नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बोर्ड से जुड़े।

श्री पेशेवर बालाजी नवंबर 2017 से टाटा मोटर्स लिमिटेड (टीएमएल) के समूह मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। वे टाटा मोटर्स की कार्यकारी समिति के सदस्य हैं और समूह की लाभदायक एवं सतत विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वे जगुआर लैंड रोवर, टाटा मोटर्स फाइनेंस समूह, टाटा टेक्नोलॉजीज तथा टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के निदेशक मंडल के सदस्य भी हैं।

लगभग तीन दशकों के कॉर्पोरेट अनुभव के साथ, श्री पेशेवर बालाजी एक अनुभवी वैश्विक वित्त विशेषज्ञ हैं। उन्होंने उपभोक्ता उत्पाद (एफएमसीजी) और ऑटोमोबाइल उद्योगों में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभाते हुए वित्तीय प्रबंधन, व्यावसायिक रणनीति और संगठनात्मक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1995 में यूनिलीवर से की। इस दौरान उन्होंने भारत, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम और स्विट्ज़रलैंड में कॉर्पोरेट वित्त एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया तथा वैश्विक व्यावसायिक संचालन और वित्तीय प्रबंधन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया।

टाटा मोटर्स से जुड़ने से पहले, श्री पी. बी. बालाजी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड में मुख्य वित्तीय अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने कंपनी की वित्तीय रणनीति, व्यावसायिक विकास और परिचालन उत्कृष्टता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

श्री पी. बी. बालाजी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) कोलकाता से प्रबंधन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है।

नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

पी. बी. बालाजी

नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

गोह चून फोंग

श्री गोह चून फोंग 12 नवंबर 2024 से नॉन-एक्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बोर्ड से जुड़े।

श्री गोह चून फोंग वर्ष 1990 में सिंगापुर एयरलाइंस (SIA) से जुड़े और तब से सिंगापुर तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनेक वरिष्ठ प्रबंधन पदों पर कार्य कर चुके हैं। वे 1 अक्टूबर 2010 को सिंगापुर एयरलाइंस के निदेशक मंडल में शामिल हुए और 1 जनवरी 2011 को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए।
 
श्री गोह चून फोंग सिंगापुर एयरलाइंस इंजीनियरिंग कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्य हैं तथा बजट एविएशन होल्डिंग्स के अध्यक्ष हैं, जो सिंगापुर एयरलाइंस की कम-लागत वाली सहायक एयरलाइन स्कूट का स्वामित्व और संचालन करती है। वे सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के न्यासी मंडल के सदस्य हैं तथा मास्टरकार्ड के स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, श्री गोह मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान के राष्ट्रपति मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलाहकार मंडल के सदस्य हैं, जिसमें विश्वभर के विभिन्न उद्योगों की अग्रणी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हैं।

 श्री गोह चून फोंग को विमानन क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और योगदान के लिए अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है। उन्हें वर्ष 2015 में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ एयरलाइन मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें एयरलाइन यात्री अनुभव क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए आजीवन उपलब्धि सम्मान तथा व्यावसायिक नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक प्रतिष्ठित वैश्विक नवाचार पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। वर्ष 2017 में उन्हें उत्कृष्ट मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में सम्मानित किया गया, जबकि वर्ष 2018 में उन्हें विमानन उद्योग की एक प्रमुख पत्रिका द्वारा ‘वर्ष के व्यक्तित्व’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई। वर्ष 2019 में उन्हें एक अरब अमेरिकी डॉलर या उससे अधिक बाज़ार पूंजीकरण वाली कंपनियों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नामित किया गया।

श्री गोह चून फोंग ने मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईटी) से विद्युत अभियांत्रिकी और कंप्यूटर विज्ञान में विज्ञान स्नातकोत्तर (मास्टर ऑफ साइंस) की डिग्री प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, प्रबंधन विज्ञान तथा संज्ञानात्मक विज्ञान में विज्ञान स्नातक (बैचलर ऑफ साइंस) की तीन डिग्रियाँ भी हासिल की हैं।

नॉन‑एग्जीक्यूटिव नॉन‑इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

गोह चुन फोंग

नॉन-एक्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

कार्यकारी नेतृत्व टीम

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श्री कैंपबेल विल्सन 25 जुलाई 2022 से एयर इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं।

श्री विल्सन 26 वर्षों तक सिंगापुर एयरलाइंस के साथ विभिन्न वरिष्ठ भूमिकाओं में कार्य करने के बाद एयर इंडिया से जुड़े, जहाँ उन्होंने फ्लैगशिप एयरलाइन के साथ-साथ इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली लो-कॉस्ट सहायक कंपनी स्कूट में भी काम किया, जिसके वे फाउंडिंग सीईओ थे। 

सीईओ और एमडी के रूप में, श्री विल्सन विहान.ai, एयर इंडिया’s व्यापक पाँच-वर्षीय कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य एयर इंडिया को इंडियन हार्ट वाली वर्ल्ड-क्लास ग्लोबल एयरलाइन में बदलना है।

एयर इंडिया’s ट्रांसफॉर्मेशन के तहत एयरलाइन ने अब तक विमानन इतिहास में नए एयरक्राफ्ट का सबसे बड़ा एकमुश्त ऑर्डर दिया है, जिसमें 500+ वाइड और नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट शामिल हैं।  इसमें उपकरण, प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी, सिस्टम और संस्कृति का पूर्ण पुनर्गठन तथा नेटवर्क का व्यापक विस्तार भी शामिल है। समूह’s के विकास को समर्थन देने के लिए, एयर इंडिया एक वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग अकादमी स्थापित करने की प्रक्रिया में है, जो पायलट, केबिन क्रू, इंजीनियर और कुशल वर्कफोर्स प्रदान करेगी, जो इंडियन एविएशन इकोसिस्टम को भी समर्थन देगी।

फ्लैगशिप एयरलाइन के ट्रांसफॉर्मेशन के अतिरिक्त, श्री विल्सन ने सब्सिडियरी एयरलाइंस एयर इंडिया एक्सप्रेस और AIX Connect के इंटीग्रेशन को सफलतापूर्वक एक सिंगल लो-कॉस्ट कैरियर में रूपांतरित किया, और टाटा सिया एयरलाइंस (विस्तारा) के एयर इंडिया के साथ मर्जर को भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया। 

श्री विल्सन को IATA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के मेंबर के रूप में नियुक्त किया गया है।

श्री विल्सन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी से बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर ऑफ कॉमर्स की डिग्री 1st क्लास ऑनर्स के साथ प्राप्त की है।    

चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर

कैंपबेल विल्सन

सीईओ और एमडी

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श्री निपुण अग्रवाल जनवरी 2022 में एयर इंडिया से जुड़े। इससे पूर्व उन्होंने टाटा संस की ओर से एयर इंडिया के अधिग्रहण प्रक्रिया का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था। चीफ़ कमर्शियल ऑफिसर के रूप में, वे वर्तमान में एयर इंडिया में कई महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिनमें एयरक्राफ्ट अधिग्रहण और फाइनेंसिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, स्ट्रैटेजी और प्लानिंग, सेल्स और मार्केटिंग, लॉयल्टी, रेवेन्यू मैनेजमेंट, नेटवर्क प्लानिंग और शेड्यूलिंग, स्ट्रैटेजिक प्रोक्योरमेंट, स्ट्रैटेजिक अलायंसेज़ और M&A शामिल हैं। वे एयर इंडिया समूह में परिवर्तन, संगठनात्मक बदलाव प्रबंधन और विलय एकीकरण से संबंधित प्रमुख पहलों का नेतृत्व कर रहे हैं तथा इन रणनीतिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। श्री निपुण अग्रवाल एआईसैट्स के अध्यक्ष हैं। इसके अतिरिक्त, वे एयर इंडिया एक्सप्रेस, एआईएक्स कनेक्ट तथा टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के निदेशक मंडल के सदस्य भी हैं। 

श्री निपुण अग्रवाल को विभिन्न उद्योगों में 28 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने निगमित वित्त, विलय एवं अधिग्रहण, वित्तपोषण, रणनीति निर्माण, व्यवसाय विकास तथा परिचालन प्रबंधन सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।

एयर इंडिया से जुड़ने से पहले, श्री निपुण अग्रवाल टाटा संस में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2017 से 2022 के दौरान उन्होंने समूह अध्यक्ष और समूह मुख्य वित्तीय अधिकारी के कार्यालय के सदस्य के रूप में टाटा समूह की अनेक कंपनियों के रणनीतिक रूपांतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने टाटा संस में कई प्रमुख अधिग्रहणों तथा निगमीय पुनर्गठन परियोजनाओं का नेतृत्व भी किया। इसके अतिरिक्त, वे टाटा हाउसिंग, टाटा वैल्यू होम्स, टाटा प्रोजेक्ट्स, टाटा पावर ओडिशा डिस्कॉम्स तथा टाटा अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित टाटा समूह की अनेक कंपनियों के निदेशक मंडलों में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।

निपुण अग्रवाल ने निवेश बैंकिंग क्षेत्र में बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच, निगमित बैंकिंग क्षेत्र में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक तथा बीपी पीएलसी में वाणिज्यिक सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। उन्होंने अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत लार्सन एंड टुब्रो में स्नातक अभियंता प्रशिक्षु के रूप में की थी।

निपुण अग्रवाल के पास भारतीय प्रबंधन संस्थान, कोलकाता (आईआईएम कोलकाता) से प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा तथा दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से विद्युत अभियांत्रिकी में स्नातक की उपाधि है। अपने खाली समय में उन्हें यात्रा करना और बैडमिंटन खेलना पसंद है। वे विवाहित हैं तथा दो बच्चों के पिता हैं।

चीफ़ कमर्शियल ऑफिसर

निपुन अग्रवाल

चीफ़ कमर्शियल ऑफिसर 

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कैप्टन बेसिल क्वाक को एयर इंडिया के चीफ़ ऑपरेशंस ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया है। विमानन उद्योग में 25 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ, कैप्टन क्वाक अपने पद पर व्यापक ज्ञान और विशेषज्ञता लेकर आते हैं। ऑपरेशनल एक्सीलेंस की गहरी समझ के साथ, वे एयर इंडिया की क्षमताओं को बढ़ाकर वर्ल्ड-क्लास ट्रैवल अनुभव प्रदान करने पर केंद्रित हैं।

कैप्टन क्वाक सिंगापुर एयरलाइंस में अपने कार्यकाल से व्यापक मैनेजमेंट अनुभव लेकर आए हैं, जहाँ उन्होंने हेड ऑफिस के साथ-साथ कई सब्सिडियरीज़ और JVs में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

एयर इंडिया में अपने सेकंडमेंट से पहले, वे फ्लाइट ऑपरेशंस डिवीजन में रेगुलेटरी और टेक्निकल के डेप्युटी वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्हें एक साथ सिंगापुर CAE फ्लाइट ट्रेनिंग के बोर्ड के चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया था, जो SIA और CAE के बीच एक जॉइंट वेंचर है। उन्होंने फ्लाइट ऑपरेशंस ट्रेनिंग और ऑपरेशंस को कवर करते हुए कई नेतृत्व भूमिकाएँ भी निभाई हैं।

एयर इंडिया में उनकी भूमिका देश में उनका दूसरा कार्यकाल है, जो 2017-21 के बीच विस्तारा में चार साल के कार्यकाल के बाद है। विस्तारा में अपने समय के दौरान, उन्होंने फ्लाइट ऑपरेशंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्य किया और प्रमुख परिचालन प्रक्रियाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एयरलाइन के तेज़ी से विस्तार की निगरानी की, जिसमें B787 वाइडबॉडी जेट की एंट्री-इनटू-सर्विस और इंटरनेशनल ऑपरेशंस की शुरुआत शामिल है। कोविड क्राइसिस के दौरान, उन्हें क्राइसिस डायरेक्टर नियुक्त किया गया और उन्होंने विस्तारा में पूरे ऑपरेशंस के शटडाउन और रीस्टार्ट की निगरानी की। उनका अन्य ओवरसीज़ स्टिंट 2006 में चाइना की ग्रेट वॉल एयरलाइंस में सेकंडमेंट शामिल है।

उनका व्यापक अनुभव एयरबस एयरक्राफ्ट जैसे A320, A330, A340-300/500 के साथ-साथ बोइंग मॉडल जैसे B737, B747-400, B777 और B787 सहित एयरक्राफ्ट प्रकारों की एक विस्तृत रेंज को उड़ाने को शामिल करता है।

एयर इंडिया में अपनी नई भूमिका में, कैप्टन क्वाक एयरलाइन के ऑपरेशनल फंक्शंस की निगरानी के लिए ज़िम्मेदार हैं। उनका नेतृत्व टाटा ग्रुप की स्टीवर्डशिप के तहत एयर इंडिया के ऑनगोइंग ट्रांसफॉर्मेशन और ग्रोथ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

जैसे-जैसे एयर इंडिया अपनी ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी जारी रखता है, जिसमें नैरोबॉडी और वाइडबॉडी दोनों एयरक्राफ्ट में चल रहे रिफ्रेश और रेट्रोफिट प्रोग्राम्स शामिल हैं, कैप्टन क्वाक सीमलेस एक्ज़ीक्यूशन सुनिश्चित करने में एक अहम भूमिका निभाते हैं। उनका नेतृत्व एयरलाइन को ऐसे कैबिन प्रोडक्ट्स और ऑपरेशनल एफिशिएंसीज़ से लैस करने में सहायक है जो अपने कस्टमर्स को बेस्ट-इन-क्लास अनुभव ऑफर करने के एयर इंडिया के विज़न के अनुरूप हैं।

एविएशन ऑपरेशंस में अपने प्रूवन ट्रैक रिकॉर्ड के साथ, कैप्टन क्वाक उन प्रोसेसेज़ को लगातार परिष्कृत करते रहते हैं जो सेफ्टी, रिलायबिलिटी और कस्टमर सैटिस्फैक्शन के प्रति एयर इंडिया की कमिटमेंट को और मज़बूत करती हैं, जिससे एयरलाइन दुनियाभर के ट्रैवलर्स के लिए एक प्रेफर्ड च्वाइस बनी रहती है।

कैप्टन क्वाक के पास नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (मैकेनिकल) की डिग्री है, जहाँ से उन्होंने सेकंड क्लास ऑनर्स (लोअर) के साथ ग्रेजुएशन किया। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में उनकी अकादमिक फाउंडेशन एविएशन ऑपरेशंस की उनकी व्यापक समझ को और मजबूत करती है।

वे विवाहित हैं और उनके दो बच्चे हैं।

चीफ़ ऑपरेशंस ऑफिसर

कैप्टन बेसिल क्वाक

चीफ़ ऑपरेशंस ऑफिसर

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डॉ. सत्य रामास्वामी का लक्ष्य एयर इंडिया को दुनिया की सबसे उन्नत प्रौद्योगिकी-संचालित विमानन कंपनियों में शामिल करना है। वे एयर इंडिया के डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी संगठन का नेतृत्व करते हैं, जिसकी दोहरी जिम्मेदारी है—एयर इंडिया के डिजिटल माध्यमों का संचालन और स्वामित्व संभालना तथा सभी विभागों को ऐसी प्रौद्योगिकियाँ अपनाने में सहायता प्रदान करना जो ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाएँ और परिचालन उत्कृष्टता सुनिश्चित करें। टाटा समूह में अपनी वापसी के बाद डॉ. सत्य ने एयर इंडिया के तीव्र डिजिटल रूपांतरण का नेतृत्व किया। इसके अंतर्गत सभी विभागों को समाहित करने वाला एक व्यापक एवं आधुनिक डिजिटल अनुप्रयोग तंत्र विकसित किया गया। साथ ही, ग्राहकों के लिए पुरस्कार प्राप्त डिजिटल सेवाएँ तैयार की गईं, जिनमें एयर इंडिया का मोबाइल अनुप्रयोग, वेबसाइट, जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवाद सहायक ‘एआई.जी’ तथा उड़ान संबंधी यात्रा सूचनाएँ शामिल हैं। उन्होंने एयर इंडिया और विस्तारा के बीच प्रौद्योगिकी प्रणालियों के निर्बाध एवं सुचारु एकीकरण की परिकल्पना की और उसका सफल नेतृत्व किया, जो इन दोनों पूर्ण-सेवा विमानन कंपनियों के विलय की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।

डॉ. सत्य के पास सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट मैनेजमेंट और बिज़नेस लीडरशिप के क्षेत्र में इंडिया और यूनाइटेड स्टेट्स में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे आजीवन एविएशन के प्रशंसक रहे हैं, एविएशन को मानव जाति की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं और उद्योग के प्रति अपना यही उत्साह एयर इंडिया में अपनी भूमिका में भी लेकर आते हैं। इससे पहले की भूमिकाओं में, उन्होंने कई अग्रणी वैश्विक एयरलाइंस को उनके डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम्स को सफलतापूर्वक लागू करने में मदद की है। एक उद्यमी नेतृत्वकर्ता के रूप में वे अपने संगठन के लिए तेज़ रफ्तार तय करते हैं, डॉ. सत्य ‘ज़ीरो टू वन’ टेक्नोलॉजी जर्नी के प्रति बेहद उत्साही हैं। डिजिटल दुनिया को जल्द अपनाने वालों में से एक होने के कारण, उन्होंने मोबाइल टेक्नोलॉजी, क्लाउड, बिग डेटा एनालिटिक्स, सोशल मीडिया और आधुनिक एआई टेक्नोलॉजी के शुरुआती दौर से अब तक का पूरा विकास देखा है। डॉ. सत्य इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एडवाइजरी काउंसिल के स्टीयरिंग ग्रुप में सदस्य हैं। उन्हें रेड डॉट डिज़ाइन कॉन्सेप्ट्स अवॉर्ड, अडोबी एक्सपीरियंस मेकर ऑफ द ईयर अवॉर्ड, ग्लोबल एसएपी इनोवेशन अवॉर्ड और डिजिटल लीडरशिप के लिए फाइटग्लोबल एयरलाइन स्ट्रैटेजी अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

एयर इंडिया से जुड़ने से पहले, डॉ. सत्य टाटा डिजिटल में रणनीतिक पहलों के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। इस भूमिका में वे ऐसे उत्पादों और प्रणालियों की पहचान, विकास तथा क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी थे, जो टाटा डिजिटल को बाज़ार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करें और उसकी व्यावसायिक क्षमताओं को सशक्त बनाएँ। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस) में डॉ. सत्य ने वर्ष 2010 से कंपनी के डिजिटल सेवाएँ व्यवसाय को प्रारंभिक स्तर से विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने विभिन्न उद्योगों, जिनमें विश्व की अग्रणी विमानन कंपनियाँ भी शामिल हैं, के वैश्विक ग्राहकों को उनकी डिजिटल पुनर्कल्पना और रूपांतरण यात्राओं में सहयोग प्रदान किया। टीसीएस से पहले, डॉ. सत्य सिलिकॉन वैली स्थित नवप्रवर्तनशील कंपनी ब्राइटफॉन इंक. के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। उन्होंने वर्ष 2008 में इस कंपनी की स्थापना इस दृष्टि के साथ की थी कि पारंपरिक दुकानों में खरीदारी के अनुभव को ऑनलाइन वाणिज्य जैसी सहभागिता प्रदान की जा सके तथा मोबाइल अनुप्रयोगों, क्लाउड प्रौद्योगिकी, विशाल डेटा विश्लेषण और सामाजिक माध्यमों के उपयोग को खुदरा व्यापार में बढ़ावा दिया जा सके। इससे पहले वे बोस्टन क्षेत्र की निवेश-समर्थित नवप्रवर्तनशील कंपनी वीवीओ इंक. में उत्पाद प्रबंधन प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। यह कंपनी बड़े पैमाने पर वीडियो खोज, सामग्री खोजबीन और मोबाइल माध्यमों से वीडियो उपलब्ध कराने की प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित थी। इसके पूर्व, वे मोटोरोला इंक. में मोबाइल डेटा संचार अवसंरचना के लिए उत्पाद प्रबंधन के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। मोटोरोला में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 1990 के दशक के उत्तरार्ध और 2000 के दशक के प्रारंभ में उत्तर अमेरिकी दूरसंचार उद्योग के मानकों के विकास में योगदान दिया, जिससे मोबाइल फ़ोनों पर इंटरनेट सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। वे मोटोरोला की सॉफ़्टवेयर अभियांत्रिकी टीम के सदस्य भी रहे, जिसने 1990 के दशक के उत्तरार्ध में डिजिटल स्टारटैक जैसे प्रारंभिक डिजिटल मोबाइल फ़ोनों के विकास पर कार्य किया था।

डॉ. सत्य के पास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास से वितरित संगणन में दर्शनशास्त्र के डॉक्टर (पीएच.डी.) की उपाधि तथा शिकागो स्थित केलॉग प्रबंधन विद्यालय से वित्त और विपणन में व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर (एमबीए) की डिग्री है। उनके नाम बारह स्वीकृत पेटेंट दर्ज हैं। डॉ. सत्य हॉकी के उत्साही प्रशंसक हैं। उन्हें एयर इंडिया की समृद्ध हॉकी परंपरा और उससे जुड़े ओलंपियन खिलाड़ियों पर विशेष गर्व है।

चीफ़ डिजिटल और टेक्नोलॉजी ऑफिसर

डॉ. सत्य रामास्वामी

चीफ़ डिजिटल और टेक्नोलॉजी ऑफिसर

 

 

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चीफ़ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर के रूप में अपनी भूमिका में, श्री राजेश डोगरा एयर इंडिया के लिए कस्टमर एक्सपीरियंस के ज़िम्मेदार हैं। वे एयर इंडिया में सर्विस ट्रांसफॉर्मेशन पहलों में गहराई से जुड़े हैं और एक मज़बूत कस्टमर सर्विसेज़ फ्रेमवर्क तैयार कर रहे हैं, जो सभी टचपॉइंट्स पर कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बना रहा है। कस्टमर सर्विसेज़ में उत्कृष्टता के प्रति अत्यधिक जुनून के साथ, श्री डोगरा ने इंडिया के साथ‑साथ विदेश में भी कई बड़े पब्लिक सर्विसेज़ ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम्स का नेतृत्व किया है और अनेक पुरस्कार जीते हैं।

श्री डोगरा के पास बड़े पैमाने पर जनसेवा वितरण, ई-शासन, व्यावसायिक संचालन, परियोजना प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवा रूपांतरण तथा मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में 28 से अधिक वर्षों का समृद्ध अनुभव है। वे टाटा समूह के अनुभवी पेशेवर हैं और अगस्त 2022 में एयर इंडिया से जुड़ने से पहले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस) में पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के वैश्विक कार्यक्रम निदेशक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने विदेश मंत्रालय के लिए भारत के सबसे प्रतिष्ठित पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा एक दशक से अधिक समय तक इसका सफल संचालन किया, जिससे विश्वभर में भारतीय पासपोर्ट सेवाओं में व्यापक सुधार और आधुनिक परिवर्तन संभव हो सके। अपने व्यावसायिक जीवन के प्रारंभिक चरण में, श्री डोगरा ने एक सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान के साथ कार्य किया, जहाँ वे उत्तर भारत सहित विश्वभर में रहने वाले अनिवासी भारतीयों के लिए संचालन और सेवा वितरण के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते थे।

श्री डोगरा ने मुंबई स्थित नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (एनएमआईएमएस) से वित्तीय प्रबंधन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से स्नातक शिक्षा पूरी की है। इसके अलावा, उन्होंने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस), भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (आईआईएम अहमदाबाद), टाटा प्रबंधन प्रशिक्षण केंद्र, पुणे (टीएमटीसी) तथा इनसीआड में कई प्रबंधन विकास कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। 

चीफ़ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर

राजेश डोगरा

चीफ़ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर

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सिसिरकान्त दाश एयर इंडिया के बढ़ते बेड़े के मेंटेनेंस और इंजीनियरिंग का प्रबंधन करते हैं। 35 से अधिक वर्षों के एविएशन अनुभव के साथ, श्री दाश एयरबस, बोइंग और बॉम्बार्डियर एयरक्राफ्ट के लिए एक लाइसेंस प्राप्त इंजीनियर हैं।

इससे पहले, श्री दाश विस्तारा में इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस के प्रमुख थे। इंडिगो के पहले कर्मचारियों में से एक के रूप में, श्री दाश लॉन्च टीम का हिस्सा थे और डायरेक्टर ऑफ इंजीनियरिंग एंड मेंटेनेंस नामित होने से पहले उन्होंने कई पदों पर कार्य किया—क्वालिटी मैनेजर, लाइन मेंटेनेंस मैनेजर, बेस मेंटेनेंस मैनेजर, टेक सर्विसेज मैनेजर और प्रोडक्शन प्लानिंग मैनेजर—।

अपनी विभिन्न जिम्मेदारियों के दौरान, श्री दाश ने मूल उपकरण निर्माताओं, पट्टादाताओं तथा आपूर्तिकर्ताओं के साथ अनेक अनुबंध वार्ताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन सभी प्रयासों का मुख्य उद्देश्य लागत का अनुकूलन और संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना रहा है।

श्री दाश भारतीय विमानन क्षेत्र में नवाचार के अग्रदूत रहे हैं। उन्होंने अनेक ऐसी पहलों का नेतृत्व किया, जिनके माध्यम से उद्योग में नई प्रौद्योगिकियों का परिचय कराया गया और जो आज व्यापक रूप से अपनाई जा चुकी हैं। इनमें विमान में उपलब्ध आपातकालीन उपकरणों की निगरानी हेतु रेडियो आवृत्ति पहचान प्रणाली (आरएफआईडी), इलेक्ट्रॉनिक लॉगबुक, तथा अभियंत्रण लाइसेंस और उपकरण निर्गमन के लिए त्वरित प्रतिक्रिया संहिता (क्यूआर कोड) जैसी तकनीकों का कार्यान्वयन शामिल है।

श्री दाश नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अनुमोदित परीक्षक हैं तथा एआरएपी, वायुयान योग्यतासंबंधी विनियामक परिवर्तन समिति और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) सहित विभिन्न नियामक समितियों के सदस्य रहे हैं। वे प्रैट एंड व्हिटनी इंजनों के अनुरक्षण समीक्षा मंडल का भी हिस्सा रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त, श्री दाश के पास प्रबंधन के क्षेत्र में अनेक प्रमाणपत्र हैं। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (आईआईएम अहमदाबाद), हार्वर्ड विश्वविद्यालय तथा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से नेतृत्व विकास संबंधी पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं।

ग्रुप चीफ़ स्ट्रैटेजी ऑफिसर – इंजीनियरिंग

सिसिरकान्त दाश

ग्रुप चीफ़ स्ट्रैटेजी ऑफिसर – इंजीनियरिंग

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कैप्टन मनीष उप्पल दिल्ली कैंट स्थित माउंट सेंट मैरीज़ स्कूल के पूर्व छात्र हैं और उनके पास 9,000 घंटे से अधिक का सुरक्षित उड़ान अनुभव है, जिसमें किसी भी प्रकार की दुर्घटना या गंभीर घटना का रिकॉर्ड नहीं है। अपने व्यावसायिक जीवन में उन्होंने एटीआर तथा एयरबस ए320 सहित विभिन्न प्रकार के विमानों का संचालन किया है। उन्हें एयरबस ए320 विमान पर प्रकार-प्रशिक्षण प्रशिक्षक (टीआरआई) तथा नामित परीक्षक (डीई) के रूप में भी स्वीकृति प्राप्त है।। 

नागरिक विमानन क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक के अनुभव के दौरान, जिसका अधिकांश भाग प्रबंधकीय जिम्मेदारियों में व्यतीत हुआ है, कैप्टन मनीष उप्पल ने लघु एवं मध्यम दूरी की घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में पायलट और प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया है। उन्होंने विमानन प्रशिक्षण और परिचालन से जुड़े विभिन्न कार्यों की स्थापना और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे उस प्रारंभिक टीम के प्रमुख भी रहे, जिसने एयरएशिया इंडिया के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक परिचालक लाइसेंस प्राप्त किया। इस उपलब्धि ने कई दशकों के अंतराल के बाद विमानन व्यवसाय में टाटा समूह की पुनः वापसी का मार्ग प्रशस्त किया। इसके अतिरिक्त, कैप्टन उप्पल ने उड़ान परिचालन की सुरक्षा, दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाने के उद्देश्य से कई डिजिटल एवं टिकाऊ समाधानों का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया है।। 

एयर इंडिया में कैप्टन मनीष उप्पल एयरलाइन के उड़ान परिचालनों का नेतृत्व और प्रबंधन करते हैं। वे नियोजित विमान बेड़े के विस्तार को समर्थन देने के लिए ‘विहान.एआई’ रूपांतरण योजना के अंतर्गत उड़ान परिचालन संबंधी पहलों को लागू करने की जिम्मेदारी निभाते हैं। साथ ही, वे यह सुनिश्चित करते हैं कि सुरक्षा, संरक्षा, नियामकीय मानकों तथा सभी अनुपालन आवश्यकताओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो और परिचालन उच्चतम मानकों के अनुसार संचालित होते रहें। 

वे उस टीम के सदस्य थे जिसने टाटा संस द्वारा एयर इंडिया के अधिग्रहण का मूल्यांकन किया था और एयर इंडिया के परिचालन की समीक्षा तथा विश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे एयर इंडिया और उसकी सहायक विमानन कंपनियों में चल रही अनेक रूपांतरण पहलों का भी अभिन्न हिस्सा हैं। 

कैप्टन उप्पल ने अपनी मैनेजमेंट स्किल्स बढ़ाने के लिए टाटा ग्रुप के कई प्रतिष्ठित कोर्स पूरे किए हैं, जिनमें हार्वर्ड के प्रोफेसरों द्वारा संचालित टाटा ग्रुप स्ट्रैटेजिक लीडरशिप सेमिनार और टाटा बिज़नेस एक्सीलेंस असेसर प्रोग्राम शामिल हैं। वे ह्यूमन फ़ैक्टर्स के प्रशिक्षित एक्सपर्ट हैं, जिन्होंने क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट कोर्स तैयार किए और संचालित किए हैं। 

कैप्टन उप्पल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ गुरुग्राम में रहते हैं।

हेड ऑफ फ्लाइट ऑपरेशंस

कैप्टन मनीष उप्पल

हेड ऑफ फ्लाइट ऑपरेशंस 

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श्री पी. बालाजी ने अपना करियर टाटा ग्रुप के साथ, टाटा एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में शुरू किया, जहाँ वे समूह के उन आदर्शों और मूल्यों से प्रेरित थे जिनका उद्देश्य केवल व्यवसाय से आगे बढ़कर समाज और इंडिया के निर्माण में योगदान देने वाले उपक्रम स्थापित करना है।

अपने वर्तमान पद में, श्री बालाजी एयर इंडिया में गवर्नेंस, कंप्लायंस कल्चर और रिस्क अवेयरनेस को आगे बढ़ा रहे हैं तथा जोखिमों के प्रबंधन, न्यूनीकरण और रिपोर्टिंग के लिए प्रक्रियाओं को विकसित कर रहे हैं। वे एयर इंडिया ग्रुप के लिए लीगल, इंटरनल ऑडिट, सस्टेनेबिलिटी एवं CSR फ़ंक्शंस के ज़िम्मेदार हैं, और रेगुलेटर्स, सरकारी नीति‑निर्माताओं तथा मीडिया के साथ बाहरी संवाद को भी आगे बढ़ाते हैं।

श्री बालाजी के पास इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद से मार्केटिंग, फ़ाइनेंस और स्ट्रैटेजी में MBA की डिग्री है और IIT रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में डिग्री है।

एयर इंडिया से जुड़ने से पहले, श्री बालाजी वोडाफ़ोन आइडिया लिमिटेड में चीफ़ रेगुलेटरी एंड कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर थे। श्री बालाजी एक टेलीकॉम अग्रदूत हैं, जिन्होंने 1993 में इस सेक्टर के शुरुआती दौर में इसमें प्रवेश किया। उद्योग में अपने 30 वर्षों के दौरान, श्री बालाजी ने अग्रणी टेक्नोलॉजी, डिवाइस और टेलीकम्युनिकेशन कंपनियों के साथ, तीनों टेलीकॉम वर्टिकल्स में नेतृत्व पदों पर कार्य करने का अनूठा अनुभव प्राप्त किया है।

श्री बालाजी नोकिया इंडिया और सोनी मोबाइल के मैनेजिंग डायरेक्टर रहे हैं। वर्षों के दौरान, उन्होंने टाटा ग्रुप, AT&T, एरिक्सन, नोकिया और ल्यूसेंट टेक्नोलॉजीज़ की स्टार्ट‑अप और टर्न‑अराउंड वेंचर्स में वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्य किया है।

ग्रुप हेड: गवर्नेंस, रिस्क, कंप्लायंस और कॉरपोरेट अफेयर्स

पी. बालाजी

ग्रुप हेड, गवर्नेंस, रेगुलेटरी, कंप्लायंस एवं कॉरपोरेट अफेयर्स

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रविन्द्र कुमार जी.पी. एक एचआर प्रोफेशनल हैं, जिनके पास विभिन्न उद्योगों, अलग‑अलग लाइफसाइकिल चरणों पर मौजूद संगठनों और रीजनल एवं ग्लोबल भूमिकाओं में 25 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह एक सहयोगी, रचनात्मक और परिणाम‑उन्मुख एचआर लीडर के रूप में जाने जाते हैं।

श्री कुमार एयर इंडिया से पहले टाटा मोटर्स में थे, जहाँ चीफ़ ह्यूमन रिसोर्सेज़ ऑफिसर के रूप में पाँच से अधिक वर्षों तक उन्होंने कंपनी के ट्रांसफ़ॉर्मेशन की रूपरेखा तैयार करने वाली एग्ज़िक्यूटिव कमेटी के सदस्य के रूप में कार्य किया। टाटा मोटर्स में अपने कार्यकाल के दौरान, श्री कुमार ने टाटा डेवू कमर्शियल व्हीकल कंपनी और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड सहित सहायक कंपनियों के लिए डायरेक्टर के रूप में भी सेवा दी। उन्होंने TML बिज़नेस सर्विसेज़ लिमिटेड के बोर्ड के चेयरपर्सन के रूप में भी कार्य किया।

श्री कुमार इससे पहले जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी के साथ 18 वर्ष तक रहे, जहाँ उन्होंने बढ़ती ज़िम्मेदारियों और प्रभाव वाली भूमिकाएँ संभालीं। जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी में अपनी अंतिम भूमिका में, वे साउथ एशिया रीजन के लिए चीफ़ ह्यूमन रिसोर्सेज़ ऑफिसर थे।

मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ के एलुमनस, श्री कुमार ने अपना करियर एशियन पेंट्स में शुरू किया। ह्यूमन रिसोर्सेज़ फ़ंक्शन के अंतर्गत उनकी रुचि संगठनात्मक दक्षता, परिवर्तन प्रबंधन और संगठन विकास के क्षेत्रों में है।

काम से दूर, श्री कुमार को प्रकृति के बीच समय बिताना और फ़ोटोग्राफ़ी करना पसंद है। उनकी पत्नी श्वेता के साथ उनका एक पुत्र और एक पुत्री है।

चीफ़ ह्यूमन रिसोर्सेज़ ऑफिसर

रविन्द्र कुमार जी.पी.

चीफ़ ह्यूमन रिसोर्सेज़ ऑफिसर

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संजय शर्मा ने कॉर्पोरेट फ़ाइनेंस, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और रियल एस्टेट में तीन दशकों तक फैले करियर के बाद एयर इंडिया के चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफिसर के रूप में जॉइन किया।

ऑर्गनाइज़ेशन में शामिल होने से पहले, श्री शर्मा टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफिसर थे, जहाँ उन्होंने फ़ाइनेंस फ़ंक्शन को स्थिरता प्रदान करने, फ़ाइनेंस रिस्क ऑर्गनाइज़ेशन बनाने और कंपनी की कैपिटल रिक्वायरमेंट को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफिसर भी रहे, जहाँ वह फ़ाइनेंस (अकाउंट्स, फ़ाइनेंशियल कंट्रोल, ट्रेज़री और टैक्स), प्रोक्योरमेंट, IT और इंटरनल ऑडिट फ़ंक्शंस के लिए ज़िम्मेदार थे। वह डॉयचे बैंक ग्रुप में मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड ऑफ इक्विटी कैपिटल मार्केट्स थे और हॉन्ग कॉन्ग और मुंबई में मेरिल लिंच के साथ 14 वर्षों तक जुड़े रहे।

उन्हें 150 से अधिक ट्रांज़ैक्शंस मैनेज करने का श्रेय दिया जाता है, जिनकी कुल राशि USD 50 बिलियन से अधिक है, जिसमें इंडियन कॉरपोरेट्स के लिए इक्विटी रेज़िंग शामिल है, दोनों इंडियन और इंटरनेशनल स्टॉक मार्केट्स पर। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत लार्सन एंड टुब्रो में डिज़ाइन डिपार्टमेंट में एक इंजीनियर के रूप में की।

उन्होंने इंडस्ट्री बॉडीज़ में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में काम किया है, जिसमें SEBI की प्राइमरी मार्केट एडवाइज़री कमेटी के सदस्य, FICCI और CII की कैपिटल मार्केट्स कमेटी के सदस्य, और एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया के चेयरमैन के रूप में सेवा देना शामिल है।

श्री शर्मा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद के एलुम्नस हैं, और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कर्नाटक, सुरथकल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री रखते हैं।

उन्हें लंबी दूरी की दौड़ का जुनून है और उन्होंने मैराथन दौड़ में सबसे बड़ा पुरस्कार हासिल किया है: सभी छह प्रमुख मैराथन पूरी करने के लिए सिक्स स्टार मेडल प्राप्त किया है। वे विवाहित हैं और उनकी दो बेटियाँ हैं।  

चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफिसर

संजय शर्मा

चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफिसर

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जेरेमी यू इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस के प्रमुख हैं। वह सिंगापुर एयरलाइंस (SIA) ग्रुप में इंजीनियरिंग नेतृत्व पदों पर 20 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ एयर इंडिया के चल रहे ट्रांसफ़ॉर्मेशन और हमारी इन‑हाउस क्षमताओं के विकास का समर्थन करने के लिए व्यापक इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस विशेषज्ञता लेकर आते हैं।

अपनी सेकेंडमेंट से पहले, श्री यू SIA इंजीनियरिंग कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, बेस मेंटेनेंस के रूप में सेवारत थे। वह साथ‑साथ SIA इंजीनियरिंग (फिलीपींस) कॉर्पोरेशन, जेड इंजीनियरिंग Pte Ltd, और बेस मेंटेनेंस मलेशिया SDN BHD के बोर्ड्स की अध्यक्षता भी कर रहे थे। वह 2005 में SIA से टेक्निकल सर्विसेज इंजीनियर के रूप में जुड़े, और उनके अनुभव में एयरबस फ़्लीट मैनेजमेंट के साथ‑साथ स्कूट और टाइगर एयरवेज़ में इंजीनियरिंग हेड की भूमिकाएँ शामिल हैं।

श्री यू के पास नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजेलिस, USA से मास्टर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री है, और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (ऑनर्स) की डिग्री है।

इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस के प्रमुख

जेरेमी यू जिन कित

इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस के प्रमुख

सस्टेनेबिलिटी

हम उड़ान भरने का वचन देते हैं नेट ज़ीरो

एयर इंडिया 2050 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन के साथ संचालन करने के लिए इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की फ्लाई नेट ज़ीरो पहल के प्रति प्रतिबद्ध है।

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एयर इंडिया ब्रांड

एक साहसिक नई शुरुआत

हमारी नई ब्रांड पहचान एक नए, आत्मविश्वासी और महत्वाकांक्षी भारत की भावना को प्रतिबिंबित करती है। यह भारतीय मूल्यों और आतिथ्य को बनाए रखते हुए विश्वस्तरीय विमानन सेवा बनने की हमारी रूपांतरण यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। नयह स्वरूप प्रतिष्ठित भारतीय खिड़की की आकृति को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है और उसे ‘संभावनाओं की खिड़की’ के प्रतीक के रूप में रूपांतरित करता है। हमारा नया प्रतीक-चिह्न, ‘द विस्टा’, इसी खिड़की के शिखर से प्रेरित है, जो भविष्य की असीम संभावनाओं, नई दिशाओं और व्यापक दृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है। अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें.

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एयर इंडिया की दुनिया की खोज करें और ग्राहक अनुभव, प्रौद्योगिकी, हमारे लोगों तथा अन्य अनेक विषयों से जुड़ी प्रेरक कहानियों से रूबरू हों। हमारी रूपांतरण यात्रा के साथ आगे बढ़ते हुए, एयर इंडिया से जुड़ी नवीनतम ख़बरों, उपलब्धियों और महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी पाने के लिए यह आपका एकीकृत सूचना केंद्र है।

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दुनिया भर की उड़ानें, भारतीय दिल से।

एयर इंडिया की टीम

बुकिंग से लेकर बैगेज क्लेम तक और इनके बीच की हर प्रक्रिया में, हम चाहते हैं कि आप एयर इंडिया अनुभव को पसंद करें।

इंडिया और विदेश से आने वाली हमारी कुशल, समर्पित कार्यबल घरों और दिलों को जोड़ने की भावना से एकजुट है, जो हमारे वैश्विक मेहमानों को वर्ल्ड‑क्लास सेवा प्रदान करती है।

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हमारा बेड़ा

एयर इंडिया नवीनतम एविएशन टेक्नोलॉजी में निरंतर निवेश कर रहा है, और हाल ही में 470 नए एयरक्राफ्ट के रिकॉर्ड‑ब्रेकिंग ऑर्डर के साथ हम एक अविस्मरणीय इनफ्लाइट अनुभव प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को नए सिरे से मज़बूत कर रहे हैं। वर्तमान में, एयर इंडिया 128 नैरो‑बॉडी और वाइड‑बॉडी एयरबस और बोइंग एयरक्राफ्ट के साथ आसमान में उड़ान भरता है, जो यात्रियों को ले जाने और कार्गो को दुनिया भर में परिवहन करने का काम करते हैं। आरामदायक, आधुनिक और कुशल हमारा बेड़ा सुनिश्चित करता है कि आप अपने गंतव्य तक आराम से और आगे बढ़ने के लिए तैयार अवस्था में पहुँचें!

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