आपकी सुरक्षा, हमेशा हमारी प्राथमिकता
अडिग सुरक्षा
एयर इंडिया में, सुरक्षा केवल एक प्रोटोकॉल नहीं है—यह हमारा अटूट संकल्प है। कॉकपिट से केबिन तक, हर यात्रा ग्लोबल एविएशन स्टैंडर्ड्स, व्यापक ट्रेनिंग और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी द्वारा निर्देशित होती है। एक ऑर्गनाइज़ेशन के रूप में हम सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और हमारा सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) स्टैंडर्ड्स के अनुरूप है और हर फ्लाइट के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के सख्त रेग्युलेशन्स का पालन करता है।
एक झलक
सुरक्षा की परतें
100+ तकनीकी जांच
हमारे प्रमाणित इंजीनियर्स और पायलट हर दिन प्रत्येक एयर इंडिया फ्लाइट को टेक-ऑफ के लिए क्लियर करने के लिए यह निरीक्षण करते हैं।
3 स्तरों का रखरखाव
हमारे एयरक्राफ्ट तीन तरह के शेड्यूल्ड मेंटेनेंस से गुजरते हैं—हर फ्लाइट से पहले, रोज़ाना, और निर्धारित अंतरालों पर—ताकि हर जर्नी सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद बनी रहे।
आपकी सुरक्षा, हमेशा हमारी प्राथमिकता
अडिग सुरक्षा
एयर इंडिया में, सुरक्षा केवल एक प्रोटोकॉल नहीं है—यह हमारा अटूट संकल्प है। कॉकपिट से केबिन तक, हर यात्रा ग्लोबल एविएशन स्टैंडर्ड्स, व्यापक ट्रेनिंग और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी द्वारा निर्देशित होती है। एक ऑर्गनाइज़ेशन के रूप में हम सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और हमारा सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) स्टैंडर्ड्स के अनुरूप है और हर फ्लाइट के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के सख्त रेग्युलेशन्स का पालन करता है।
एक झलक
सुरक्षा की परतें
100+ तकनीकी जांच
हमारे प्रमाणित इंजीनियर्स और पायलट हर दिन प्रत्येक एयर इंडिया फ्लाइट को टेक-ऑफ के लिए क्लियर करने के लिए यह निरीक्षण करते हैं।
3 स्तरों का रखरखाव
हमारे एयरक्राफ्ट तीन तरह के शेड्यूल्ड मेंटेनेंस से गुजरते हैं—हर फ्लाइट से पहले, रोज़ाना, और निर्धारित अंतरालों पर—ताकि हर जर्नी सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद बनी रहे।
सुरक्षा को एक्शन में देखें
कड़ा प्रशिक्षण, सटीक प्रक्रियाएँ और अटूट प्रतिबद्धता आपको आसमान में सुरक्षित रखती हैं। इंजीनियरिंग एक्सीलेंस से लेकर क्रू और पायलट ट्रेनिंग तक, सुरक्षा हर एयर इंडिया फ्लाइट का मार्गदर्शन करती है।
पायलट
कैबिन क्रू
इंजीनियर्स
जहाँ कुशलता और सुरक्षा एकसाथ आती हैं
एयर इंडिया में सुरक्षा टेक-ऑफ से बहुत पहले ही शुरू हो जाती है। हमारे पायलट्स, केबिन क्रू, इंजीनियर्स और ग्राउंड टीमें लगातार और कठोर ट्रेनिंग से गुजरती हैं—जिसमें इमरजेंसी प्रोसीजर्स से लेकर लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेस तक सब कुछ शामिल होता है। क्योंकि आपकी सुरक्षा के मामले में तैयार रहना सिर्फ एक बार का काम नहीं है—यह जीवन जीने का एक तरीका है।
पायलट्स
हमारे पायलट्स हर साल सख्त ट्रेनिंग और रीफ्रेशर कोर्स से गुजरते हैं ताकि उनकी स्किल्स हमेशा तेज और अपडेटेड रहें। हर 6 महीने में, वे एडवांस्ड फ्लाइट सिम्युलेटर्स पर अलग-अलग इमरजेंसी सिचुएशन्स का अभ्यास करते हैं। वे टीमवर्क और कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग भी लेते हैं—ताकि किसी भी दबाव वाली स्थिति में वे शांत, आत्मविश्वासी और पूरी तरह तैयार रहकर प्रतिक्रिया दे सकें।
केबिन क्रू
हमारा केबिन क्रू सिर्फ सर्विस के लिए ही नहीं, बल्कि सर्टिफाइड सेफ्टी प्रोफेशनल्स के रूप में भी प्रशिक्षित होता है। हर साल वे अनिवार्य रीफ्रेशर ट्रेनिंग पूरी करते हैं। हर एयरक्राफ्ट टाइप के लिए वे इंटेंसिव, हैंड्स-ऑन सेशन्स से गुजरते हैं। उनकी ट्रेनिंग में फायर हैंडलिंग, इमरजेंसी लैंडिंग, वाटर डिचिंग, लाइफ राफ्ट ऑपरेशन्स, डोर सेफ्टी और क्राउड कंट्रोल तक सब कुछ शामिल होता है—ताकि वे किसी भी स्थिति में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व संभालने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
इंजीनियरिंग
हमारे इंजीनियर और टेक्नीशियन को सर्वोच्च सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इंजीनियर नवीनतम प्रैक्टिसेज़ से अपडेट बने रहने के लिए हर 2 साल में रिफ्रेशर कोर्स करते हैं। टेक्नीशियन भी नियमित स्किल टेस्ट देते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे जिस भी एयरक्राफ्ट का निरीक्षण या रिपेयर करते हैं, वह पूरी तरह उड़ान के लिए तैयार स्थिति में हो।
सेफ्टी टीम
पर्दे के पीछे शांति से काम करती हमारी सेफ्टी टीम ऐसे मानक तय करती है, जो हर फ्लाइट को सुरक्षित रखते हैं। नियमित ऑडिट से लेकर रियल-टाइम मॉनिटरिंग तक, वे यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारे ऑपरेशंस वैश्विक सेफ्टी नॉर्म्स का पालन करें — और अधिकांश मामलों में उन्हें पार भी कर जाएँ।
इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (IOCC)
एयर इंडिया का अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर चौबीसों घंटे काम करता है ताकि हर उड़ान सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित हो सके। मौसम और विमान की गतिविधियों पर नज़र रखने से लेकर क्रू के समन्वय और किसी भी व्यवधान से निपटने तक, IOCC वह केंद्र है जहाँ रियल-टाइम निर्णय लिए जाते हैं—जिससे हमारे यात्रियों की सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित होती है।
इमरजेंसी कमांड सेंटर
किसी दुर्लभ आपातकालीन स्थिति में, हमारा समर्पित इमरजेंसी कमांड सेंटर तुरंत सक्रिय होकर नियंत्रण संभाल लेता है। विभिन्न विभागों के वरिष्ठ विशेषज्ञों द्वारा संचालित यह सेंटर तेज़ और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करता है—हर चरण में यात्रियों की सुरक्षा, संचार और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए।
प्री-फ्लाइट चेक्स
हर उड़ान के पीछे विशेषज्ञों की एक टीम होती है जो एयरक्राफ्ट की जांच, सर्विसिंग और मॉनिटरिंग करती है, ताकि हर हिस्सा सर्वोच्च मानकों के अनुसार काम करे—और सब कुछ ठीक उसी तरह संचालित हो जैसा अपेक्षित है।
इंजीनियरिंग
- इंजीनियर और टेक्नीशियन की एक टीम विमान का निरीक्षण करती है।
- DGCA और Original Equipment Manufacturer (OEM) द्वारा निर्धारित प्री-फ्लाइट चेकलिस्ट के अनुसार सभी आइटम्स की जाँच की जाती है।
- मुख्य जाँचों में इंजन, केबिन रेडीनेस, दरवाजे और इमरजेंसी एग्ज़िट्स, एयरक्राफ्ट फ्रेम और अन्य महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स शामिल हैं।
- किसी भी समस्या की स्थिति में, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (SOP) को तुरंत लागू किया जाता है।
- इंजीनियर साइन ऑफ करता है और सर्टिफिकेट ऑफ रिलीज़ टू सर्विस जारी करता है।
- उसके बाद विमान को पायलट को सौंप दिया जाता है।
पायलट
- पायलट सभी फ्लाइट डॉक्यूमेंट्स, कार्गो, एयरक्राफ्ट की टेक्निकल स्टेटस और वेदर कंडीशन्स की समीक्षा करते हैं, ताकि रूट की योजना बनाई जा सके और किसी भी संभावित आकस्मिक स्थिति के लिए तैयारी की जा सके।
- परिभाषित चेकलिस्ट को ऑपरेटिंग पायलट्स के बीच क्रॉस-वेरिफाई किया जाता है।
- पायलट्स के लिए प्री-फ्लाइट मेडिकल चेक अनिवार्य होता है, जिसमें अल्कोहल कन्जम्प्शन के लिए सख्त ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी लागू रहती है।
- पायलट्स एयरक्राफ्ट के एक्सटीरियर का वॉकअराउंड इंस्पेक्शन करते हैं।
- कॉकपिट सर्विसएबिलिटी चेक किया जाता है, और किसी भी चिंता को SOPs के अनुसार तुरंत एड्रेस किया जाता है।
- सभी फ्लाइट इंस्ट्रूमेंट्स और सिस्टम्स को डिपार्चर के लिए कॉन्फ़िगर और तैयार किया जाता है।
- पायलट-इन-कमांड औपचारिक रूप से साइन ऑफ करता है और एयरक्राफ्ट को उड़ान के लिए सेफ घोषित करते हुए स्वीकार करता है।
केबिन क्रू
- पूरे क्रू के साथ अनिवार्य प्री-फ्लाइट ब्रीफिंग की जाती है, ताकि सभी सेफ्टी प्रोसीजर्स पर एकरूपता सुनिश्चित हो सके।
- केबिन क्रू SOP के अनुसार निर्धारित डिटेल्ड प्री-फ्लाइट चेकलिस्ट का पालन करता है।
- केबिन क्रू के लिए प्री-फ्लाइट मेडिकल चेक अनिवार्य होता है, जिसमें अल्कोहल कन्ज़म्प्शन के लिए सख्त ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी लागू रहती है।
- वे अपने असाइन्ड स्टेशन्स पर सभी इमरजेंसी इक्विपमेंट और इमरजेंसी लाइट्स की जाँच करते हैं।
- गैली रेडीनेस की पुष्टि की जाती है।
- एग्ज़िट्स और आइल्स में किसी भी तरह की रुकावट या खतरे के लिए निरीक्षण किया जाता है।
- क्रू किसी भी सेफ्टी-सम्बंधित चिंता या प्रोसीजर पर पायलट्स के साथ समन्वय करता है।
- बोर्डिंग के दौरान, पैसेंजर्स को सेफ्टी या किसी विशेष आवश्यकता के लिए बारीकी से मॉनिटर किया जाता है।
- सेफ्टी ब्रीफिंग दी जाती है, और क्रू यह सुनिश्चित करता है कि टेक-ऑफ के लिए केबिन पूरी तरह सुरक्षित और सिक्योर हो।
मल्टीपल चेक्स। एक ही लक्ष्य: आपकी सुरक्षा
सुरक्षा एक बार की जाने वाली जाँच नहीं है—यह कई जाँचों की एक श्रृंखला है। हमारे एयरक्राफ्ट डेली वॉकअराउंड से लेकर डिटेल्ड टेक्निकल चेक्स तक, कई स्तरों की इंस्पेक्शन से गुज़रते हैं। क्योंकि जब आपकी सुरक्षा की बात आती है, तो जाँच कभी भी ज़्यादा नहीं होती।
दैनिक सेफ्टी ओवरसाइट और डेटा मॉनिटरिंग
- दैनिक सुरक्षा ऑडिट हमारी सेफ्टी और इंजीनियरिंग टीमों द्वारा DGCA दिशानिर्देशों के अनुरूप किए जाते हैं।
- किसी भी अनियमितता का पता लगाने के लिए 100% फ्लाइट डेटा की निगरानी की जाती है।
- सभी निष्कर्षों की समीक्षा फ्लाइट सेफ्टी टीम द्वारा की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर सुधारात्मक कदम तुरंत लागू किए जाते हैं।
रेगुलर मेंटेनेंस
- एयरपोर्ट पर हर 24–48 घंटों में किया जाता है।
- SOP के अनुसार फ्लूड लेवल चेक, विजुअल इंस्पेक्शन, ब्रेक और टायर की स्थिति, लाइट्स और इमरजेंसी सिस्टम्स शामिल होते हैं।
- टीम यह सुनिश्चित करती है कि एयरक्राफ्ट उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार हो।
शेड्यूल्ड मेंटेनेंस
- निर्धारित अंतराल पर किया जाता है – मासिक रूप से या फिर Maintenance, Repair, and Overhaul सेंटर (MRO) में तय संख्या के फ्लाइट आवर्स / साइकल्स पूरे होने के बाद।
- डीप इंस्पेक्शन्स, स्ट्रक्चरल चेक्स, इंजन सर्विसिंग और सिस्टम ओवरहॉल्स शामिल होते हैं।
- यह कार्य विशेषीकृत मेंटेनेंस बेस पर सर्टिफाइड इंजीनियर्स द्वारा किया जाता है।
अगले स्तर की सुरक्षा और अनुभव सुनिश्चित करना
एयर इंडिया में, हम सिर्फ फ्लाइट्स नहीं बना रहे हैं—हम विश्वस्तरीय सेफ्टी, ट्रेनिंग और ऑपरेशनल एक्सीलेंस देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स के ज़रिए हम ऐसा मज़बूत इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जो एविएशन के हर पहलू को सपोर्ट करता है। ये प्रयास लगातार चलते रहते हैं और समय के साथ विकसित होते हैं—जो आज हमारी ऑपरेशन्स को मज़बूत बनाते हैं और इंडियन एविएशन के भविष्य के लिए ठोस नींव रखते हैं।
एयर इंडिया ट्रेनिंग अकैडमी, गुरुग्राम
6,00,000 वर्ग फीट में फैली हुई, यह साउथ एशिया की सबसे बड़ी एविएशन ट्रेनिंग अकैडमी है। अत्याधुनिक सिम्युलेटर और क्लासरूम से सुसज्जित, यहीं पर भविष्य के लिए तैयार पायलट, केबिन क्रू, इंजीनियर और सुरक्षा टीमें ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुसार प्रशिक्षित की जाती हैं।
फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO), अमरावती
इंडिया का पहला एयरलाइन-ऑपरेटेड पायलट स्कूल, यह सुविधा हर साल 180 कमर्शियल पायलट तैयार करने के लिए डिज़ाइन की गई है—जिससे एयर इंडिया के अपने टैलेंट पूल को मजबूती मिलती है और इंडिया की बढ़ती एविएशन आवश्यकताओं में योगदान होता है।
MRO सुविधा, बेंगलुरु (2026 में आ रहा है)
11 बे और एक मेगा हैंगर वाला अत्याधुनिक मेंटेनेंस, रिपेयर, एंड ओवरहॉल सेंटर, जिसे वाइड-बॉडी और नैरो-बॉडी दोनों प्रकार के एयरक्राफ्ट संभालने के लिए बनाया गया है। यह सुविधा एक ही छत के नीचे उच्च दक्षता, बड़े पैमाने पर संचालन और मेंटेनेंस के सर्वोच्च मानक उपलब्ध कराएगी।
यात्रा के दौरान यात्री सुरक्षा
आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है—और यह एक साझा ज़िम्मेदारी भी है। एयर इंडिया में, हम हर यात्रा को सुरक्षित और संरक्षित बनाने के लिए हर संभव कदम उठाते हैं, लेकिन आपकी जागरूकता और सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उड़ान के दौरान आप अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं, यह रहे कुछ महत्वपूर्ण उपाय:
यात्रा के दौरान यात्री सुरक्षा
आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है—और यह एक साझा ज़िम्मेदारी भी है। एयर इंडिया में, हम हर यात्रा को सुरक्षित और संरक्षित बनाने के लिए हर संभव कदम उठाते हैं, लेकिन आपकी जागरूकता और सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उड़ान के दौरान आप अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं, यह रहे कुछ महत्वपूर्ण उपाय:
सेफ्टी ब्रीफिंग को ध्यान से सुनें और अपनी सीट की पॉकेट में रखे सेफ्टी इंस्ट्रक्शन कार्ड को पढ़ें।
अपने सबसे नज़दीकी इमरजेंसी एग्ज़िट का पता लगाएं और अपनी सीट तथा एग्ज़िट के बीच की सीटों की पंक्तियों की गिनती कर लें।
जब भी आप बैठे हों, अपनी सीटबेल्ट बांधे रखें, भले ही सीटबेल्ट संकेत बंद हो।
अपने कैरी-ऑन बैगेज को ओवरहेड बिन्स में या अपने सामने वाली सीट के नीचे ठीक से रखें।
अपने सामान के कारण गलियारों या एग्ज़िट को अवरुद्ध करने से बचें।
सभी क्रू के निर्देशों का तुरंत पालन करें, विशेष रूप से टेक-ऑफ, टर्बुलेंस और लैंडिंग के दौरान।
किसी भी संदिग्ध या असामान्य गतिविधि की तुरंत केबिन क्रू को सूचना दें।
सुरक्षा उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें और न ही आपातकालीन निकास खोलें, जब तक कि वास्तविक आपातकाल में ऐसा करने का निर्देश न दिया जाए।
FAQs
फ्लाइट सेफ्टी के 4 प्रमुख स्तंभ हैं:
- सेफ्टी पॉलिसी – नेतृत्व द्वारा सुरक्षा को हमेशा सर्वोपरि रखने की मज़बूत प्रतिबद्धता
- सेफ्टी रिस्क मैनेजमेंट – संभावित जोखिमों की पहचान करना और उन्हें नियंत्रित करना
- सेफ्टी एश्योरेंस – सुरक्षा प्रदर्शन की निगरानी करना और उसे लगातार बेहतर बनाना
- सेफ्टी प्रमोशन – प्रशिक्षण और जागरूकता के माध्यम से सुरक्षा-प्रथम संस्कृति का निर्माण
ये स्तंभ हमें पूरे ऑपरेशन्स में सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने में मदद करते हैं।
सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम एविएशन में सेफ्टी रिस्क को मैनेज करने का एक संरचित तरीका है। इसमें खतरों की पहचान, जोखिम विश्लेषण, प्रदर्शन की निगरानी और मज़बूत रिपोर्टिंग कल्चर शामिल है, ताकि सुरक्षा में लगातार सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
आपकी सुरक्षा कुछ सरल कदमों से शुरू होती है:
- हमेशा केबिन क्रू के निर्देशों का पालन करें।
- जब भी आप बैठे हों, अपनी सीटबेल्ट बांधे रखें।
- सुरक्षा ब्रीफिंग पर ध्यान दें और अपने निकटतम आपात निकास का पता लगाएं।
- सामान को ठीक से रखें और गलियारे को अवरुद्ध होने से बचाएं।
- किसी भी असामान्य या संदिग्ध चीज़ की तुरंत सूचना क्रू को दें।
यात्री सुरक्षा में वे सभी उपाय शामिल होते हैं जो आपकी सुरक्षा के लिए उड़ान से पहले, दौरान और बाद में किए जाते हैं। इसमें प्रशिक्षित क्रू, सुरक्षा उपकरण, इमरजेंसी प्रक्रियाएँ और स्पष्ट संचार शामिल हैं—ये सभी कदम मिलकर टेक-ऑफ से लेकर लैंडिंग तक आपकी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए किए जाते हैं।
सेफ्टी असेसमेंट्स वे नियमित जाँच और ऑडिट होते हैं, जो एयरलाइंस और एविएशन अथॉरिटीज द्वारा यह आकलन करने के लिए किए जाते हैं कि सेफ्टी प्रोसिजर्स का पालन कितनी अच्छी तरह किया जा रहा है। ये संभावित जोखिमों की पहचान करने, प्रॉसेसेज़ में सुधार करने और फ्लाइट ऑपरेशंस को ग्लोबल मानकों के अनुरूप बनाए रखने में मदद करते हैं।
एयर इंडिया में, हर फ्लाइट कई स्तरों के सेफ्टी चेक्स से गुजरती है—जिनमें शामिल हैं:
- प्री-फ्लाइट चेक्स एयरफ्रेम, केबिन सिस्टम्स, इंजन्स, टायर्स और डोर्स पर किए जाते हैं।
- टर्नअराउंड चेक्स फ्लाइट्स के बीच, रेडीनेस सुनिश्चित करने के लिए किए जाते हैं।
- रूटीन इंस्पेक्शन्स हर कुछ सौ फ्लाइट आवर्स के बाद किए जाते हैं।
सभी चेक्स सर्टिफाइड इंजीनियर्स, टेक्नीशियन्स और फ्लाइट क्रू द्वारा किए जाते हैं ताकि आप हर बार सुरक्षित उड़ान भर सकें।
* इस पेज पर दिखाए गए कुछ विज़ुअल केवल प्रतिनिधिक हैं और सिर्फ़ इलस्ट्रेशन के उद्देश्य से उपयोग किए गए हैं।